देवजीत सैकिया ने कार्यकाल पूरा होने के बाद असम के एडवोकेट जनरल का पद छोड़ा
गुवाहाटी, 7 मई (आईएएनएस)। देवजीत सैकिया ने गुरुवार को असम के एडवोकेट जनरल के पद से अपने इस्तीफे की घोषणा की। यह घोषणा मौजूदा राज्य सरकार का कार्यकाल पूरा होने के बाद की गई।
सैकिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संवैधानिक परंपरा और स्थापित प्रथा का पालन करते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
सैकिया ने कहा कि उच्च परंपरा और संवैधानिक प्रथा को बनाए रखते हुए और उसका सम्मान करते हुए, मैंने कल असम के एडवोकेट जनरल के कार्यालय से अपना इस्तीफा सौंप दिया। मेरा लगभग पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया है और इसके साथ ही मौजूदा सरकार का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है।
उन्होंने एडवोकेट जनरल के तौर पर अपने कार्यकाल को 'अत्यंत सम्मान और सौभाग्य' का विषय बताया और अपने कार्यकाल के दौरान मिले समर्थन और सहयोग के लिए राज्य के नेतृत्व और कानूनी बिरादरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
सैकिया ने मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सरकारी अधिकारियों, साथी वकीलों और प्रशासन तथा न्यायपालिका से जुड़े उन सभी लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने पिछले कई वर्षों के दौरान उन पर भरोसा जताया।
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि एडवोकेट जनरल के संवैधानिक पद पर रहते हुए असम राज्य की सेवा करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और सौभाग्य की बात रही है।
देवजीत सैकिया ने लगभग पांच वर्षों तक असम सरकार के शीर्ष विधि अधिकारी के रूप में कार्य किया और विभिन्न अदालतों में कई महत्वपूर्ण कानूनी और संवैधानिक मामलों में राज्य का प्रतिनिधित्व किया।
असम में अपनी कानूनी जिम्मेदारियों के अलावा, सैकिया भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव का पद भी संभालते हैं और कई वर्षों से भारतीय क्रिकेट प्रशासन से जुड़े हुए हैं।
उनका इस्तीफा असम में नई भाजपा-नीत एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले आया है, जो 12 मई को गुवाहाटी में होना निर्धारित है।
सूत्रों ने संकेत दिया कि राज्य में नई मंत्रिपरिषद के गठन के बाद एक नए एडवोकेट जनरल की नियुक्ति होने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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