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गृह मंत्री की टिप्पणी का एनडीए नेताओं ने किया समर्थन, कहा- 'घुसपैठ विरोधी रुख राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम'

 

नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की घुसपैठ पर की गई कड़ी टिप्पणियों का स्वागत किया और इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया।

उनकी यह प्रतिक्रिया तब आई जब केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने अगले दो दशकों के लिए आंतरिक सुरक्षा का व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने का लक्ष्य काफी हद तक एक मजबूत और प्रभावी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

नई दिल्ली में इंटेलिजेंस ब्यूरो की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने घुसपैठ, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और देश की सुरक्षा के लिए उभरते अन्य खतरों से निपटने के लिए सक्रिय और समन्वित कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, "यह देश कोई धर्मशाला नहीं है और इस देश में रहने का अधिकार केवल इसके नागरिकों को है।" उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध घुसपैठियों की मौजूदगी राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और जनसंख्या संतुलन के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकती है।

गृह मंत्री शाह की टिप्पणियों का समर्थन करते हुए महाराष्ट्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राम कदम ने आईएएनएस से कहा कि गृह मंत्री ने देश के व्यापक हित में बात की है और घुसपैठ के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

राम कदम ने कहा, "गृह मंत्री ने राष्ट्रहित में यह बात कही है। यह देश एक परिवार है और इस देश के लोगों का इस पर पहला अधिकार है। यदि घुसपैठिए यहां आकर देश की सुरक्षा से समझौता करें, स्थानीय लोगों के अधिकार छीनें और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दें, उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है।"

उन्होंने कहा, "कांग्रेस शासन के दौरान ऐसे लोगों (अवैध घुसपैठियों) को जानबूझकर प्रोत्साहित किया गया और वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता।"

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी गृह मंत्री शाह के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार और भाजपा अवैध घुसपैठ रोकने तथा देश के संसाधनों और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

सरावगी ने आईएएनएस से कहा, "गृह मंत्री का स्पष्ट रुख ही केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी का भी रुख है। यह सही है कि भारत कोई 'धर्मशाला' नहीं है जहां घुसपैठिए आकर रहें और देश के संसाधनों का दुरुपयोग करें।"

उन्होंने कहा, "भाजपा इस घुसपैठ विरोधी रुख का पूरी तरह समर्थन करती है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि घुसपैठियों की पहचान की जाएगी, उन्हें सूची से हटाया जाएगा और देश से बाहर भेजा जाएगा।"

राष्ट्रीय लोक दल के नेता केसी त्यागी ने भी गृह मंत्री शाह के बयान को महत्वपूर्ण बताया, खासकर उन परिस्थितियों के संदर्भ में जिनमें यह बयान दिया गया।

आईएएनएस से बातचीत में त्यागी ने कहा, "गृह मंत्री का बयान मौजूदा परिस्थितियों में महत्वपूर्ण है। किसी भी विदेशी नागरिक को भारतीय नागरिकता प्राप्त किए बिना देश में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए।"

एनडीए नेताओं के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब केंद्र सरकार आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध घुसपैठ, आतंकवाद तथा संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े खतरों से निपटने पर जोर दे रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम