गुजरात में एक और फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, 31 दवाओं के ब्रांड भी किए गए जब्त
वलसाड, 8 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस ने वलसाड जिले में एक किराए के घर में बिना मेडिकल डिग्री के डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस करने और एलोपैथिक दवाओं से मरीजों का इलाज करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। साथ ही, पुलिस ने 53,000 रुपए से ज्यादा कीमत की 31 ब्रांड की दवाएं भी बरामद की हैं।
आरोपी की पहचान जयकरण प्रजापत के तौर पर हुई है, जो अभी कपराडा तालुका में वालवेरी फाटक के पास रह रहा है और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले की घाटमपुर तालुका के भटपुरवा समूही का रहने वाला है।
यह कार्रवाई उन लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देशों के बाद की गई, जो बिना जरूरी योग्यता के इलाज कर रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि ये निर्देश सूरत डिवीजन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस प्रेम वीर सिंह, वलसाड के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस डॉ. युवराजसिंह जडेजा और धरमपुर डिवीजन के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस डॉ. संदीप टी ने जारी किए थे।
कपराडा पुलिस के अनुसार, इंस्पेक्टर डीएन वंजा इलाके में गश्त की निगरानी कर रहे थे, तभी असिस्टेंट हेड कॉन्स्टेबल आशीषभाई अर्जुनभाई को पक्की जानकारी मिली कि जयकरण वालवेरी फाटक के पास डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस कर रहा है।
इसके बाद पुलिस की एक टीम, जिसमें रोहियाल जंगल के प्राइमरी हेल्थ सेंटर के मेडिकल ऑफिसर और एक फार्मासिस्ट भी शामिल थे। उन्होंने वालवेरी फाटक के पास नारनभाई देवरामभाई के किराए के घर पर छापा मारा।
पुलिस ने बताया कि जयकरण मरीजों का इलाज करते और एलोपैथिक व अन्य दवाएं देते हुए पाया गया, जबकि उसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं थी।
पुलिस का आरोप है कि इस प्रैक्टिस से लोगों की जान और शारीरिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है। छापे के दौरान, अधिकारियों ने 53,751.20 रुपए कीमत की एलोपैथिक दवाओं के 31 अलग-अलग ब्रांड बरामद किए।
जयकरण को पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 125 और मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एक्ट की धारा 30 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। यह गिरफ्तारी गुजरात भर में बिना योग्यता वाले मेडिकल प्रैक्टिशनर्स से जुड़े ऐसे ही कई मामलों के बीच हुई है।
जुलाई में, दाहोद में एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया था, जब अधिकारियों ने पाया कि वह बिना जरूरी योग्यता या लाइसेंस के इलाज कर रहा था।
जून में, आनंद पुलिस ने 58 वर्षीय नितिन दह्या परमार को गिरफ्तार किया था, जिस पर बोरसद में अपने घर से मेडिकल प्रैक्टिस चलाने और दो दशकों से ज्यादा समय तक मरीजों का इलाज करने का आरोप था।
मार्च में, राज्य सरकार ने विधानसभा को बताया कि 2021 और 2023 के बीच फर्जी डॉक्टरों के बारे में मिली 2,724 शिकायतों की जांच की गई थी। इनमें से 169 लोगों के पास फर्जी डिग्रियां पाई गईं और 154 एफआईआर दर्ज की गईं।
--आईएएनएस
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