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जीटीए प्रमुख अनित थापा ने दिया इस्तीफा, भ्रष्टाचार जांच के ऐलान के एक दिन बाद छोड़ा पद

 

कोलकाता, 17 जून (आईएएनएस)। भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) के संस्थापक अनित थापा ने बुधवार को गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) के मुख्य कार्यकारी (चीफ एग्जीक्यूटिव) पद से इस्तीफा दे दिया। जीटीए दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कुर्सियांग के पहाड़ी क्षेत्रों में नागरिक प्रशासन का संचालन करने वाली स्वायत्त संस्था है।

थापा का यह इस्तीफा उस घोषणा के महज 24 घंटे बाद आया है, जिसमें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कुर्सियांग में एक जनसभा के दौरान जीटीए में कथित भ्रष्टाचार की जांच कराने की बात कही थी।

बीजीपीएम पश्चिम बंगाल में पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सहयोगी पार्टी रही है। अनित थापा ने वर्ष 2022 में जीटीए के मुख्य कार्यकारी का पद संभाला था। उनका कार्यकाल 2027 तक निर्धारित था, लेकिन उन्होंने एक वर्ष पहले ही स्वेच्छा से पद छोड़ दिया।

समाचार लिखे जाने तक अनित थापा ने अपने इस्तीफे के कारणों पर मीडिया के सामने कोई टिप्पणी नहीं की थी।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को कुर्सियांग में आयोजित जनसभा में जीटीए के कामकाज में व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने विशेष रूप से जीटीए संचालित स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और कहा कि इस भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

बता दें कि वर्ष 2011 में केंद्र की तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार, पश्चिम बंगाल सरकार और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के बाद जीटीए का गठन किया गया था। उसी वर्ष ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में 34 वर्षों के वाम शासन का अंत कर सत्ता संभाली थी।

जीटीए ने 1988 में गठित दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल (डीजीएचसी) का स्थान लिया था। यह संस्था दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और लोक निर्माण सहित लगभग 59 विभागों के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों का संचालन करती है।

--आईएएनएस

डीएससी