आंध्र प्रदेश : अमरावती को स्थायी राजधानी का कानूनी दर्जा, चंद्रबाबू नायडू ने किसानों संग मनाया जश्न
अमरावती, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू गुरुवार को अमरावती के किसानों के साथ जश्न में शामिल हुए। यह जश्न तब मनाया गया जब संसद ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी के रूप में वैधानिक दर्जा देने वाला विधेयक पारित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी नारा भुवनेश्वरी के साथ उद्दंडरायुनिपालेम में 'दीपा आरती' समारोह में हिस्सा लिया। यह वही जगह है जहां 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी की नींव रखी थी।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने नींव वाली जगह पर सम्मान के तौर पर घुटने टेके। उन्होंने नींव की पट्टिका का मुआयना किया और पूजा-अर्चना की।
इस मौके पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में पारित विधेयक के जरिए अमरावती को अब आंध्र प्रदेश की राजधानी के तौर पर एक ऐसा कानूनी दर्जा मिल गया है जिसे बदला नहीं जा सकता।
उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक पल बताया, जो जनता की इच्छा का सम्मान करता है।
उन्होंने कहा, "अमरावती की सफलता भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखी जाएगी। जिन किसानों ने अपनी जमीन दी, उनका बलिदान हमेशा अमर रहेगा।"
तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख ने दावा किया कि कई साजिशों का सामना करने के बाद, "हमने अपनी राजधानी वापस पा ली है।"
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि अमरावती को अब एक स्थायी कानूनी आधार मिल गया है, राज्य के लिए एक ऐसी पहचान जो अब तक नदारद थी।
उन्होंने आंदोलन के दौरान उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण जैसे राज्य के नेताओं से मिले समर्थन को भी याद किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उन सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस विधेयक का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि अमरावती सिर्फ एक राजधानी नहीं है, बल्कि यह तेलुगु गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, कुछ परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री के एक बार फिर अमरावती आने की उम्मीद है।
विपक्ष, विशेष रूप से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की कड़ी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी पर हो रही अहम चर्चाओं के दौरान वे सदन से बाहर चले गए और यहां तक कि विधानसभा में भी प्रस्ताव का समर्थन करने में विफल रहे।
इस कार्यक्रम में मंत्रियों और जन प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इससे पहले, किसानों और महिलाओं ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उनकी पत्नी नारा भुवनेश्वरी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
--आईएएनएस
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