आंध्र प्रदेश : मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कल्याणकारी योजनाओं में संयुक्त परिवारों को प्रोत्साहित करने का दिया निर्देश
अमरावती, 11 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि संयुक्त परिवारों को प्रोत्साहित किया जाए और सभी सदस्यों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता जताई कि लोग कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए संयुक्त परिवारों को तोड़कर छोटे-छोटे परिवार बना रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि नीतियों में बदलाव कर परिवार को मूल इकाई मानते हुए सभी सदस्यों को राशन उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई सामाजिक सुरक्षा पेंशन जारी करने से पहले परिवार-आधारित मैपिंग पूरी की जाए, जबकि मौजूदा लाभार्थियों को बिना किसी बदलाव के लाभ मिलता रहे।
कलेक्टरों के सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक कल्याणकारी कैलेंडर तैयार किया जाए, ताकि लोगों को योजनाओं का लाभ मिलने की तारीखों की जानकारी रहे और उन्हें इन लाभों के बेहतर उपयोग के प्रति जागरूक किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब तक कल्याणकारी कार्यक्रमों पर लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है, जिसमें केवल पेंशन पर ही 75,000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। कल्याणकारी नीतियों का उद्देश्य आर्थिक असमानताओं को कम करना और लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना होना चाहिए। साथ ही परिवारों को सशक्त बनाने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने एसईआरपी और एमईपीएमए को 'वन फैमिली, वन एंटरप्रेन्योर' कार्यक्रम को व्यापक रूप से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पांच लाख महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
चंद्रबाबू नायडू ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि पी4 कार्यक्रम को केवल एक सरकारी प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर महीने की पहली तारीख को 'पेदाला सेवालो' कार्यक्रम के माध्यम से कल्याण कार्यों के लिए समर्पित किया गया है। इसी तरह हर महीने की 9 तारीख को 'मी भूमि-मी हक्कू' कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए, ताकि भूमि अभिलेखों का व्यापक सुधार और शुद्धिकरण किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर महीने के तीसरे शनिवार को ''स्वच्छ आंध्र-स्वर्ण आंध्र'' कार्यक्रम के तहत स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए। वहीं, चौथे शनिवार को नागरिकों के स्वास्थ्य प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए “संजीवनी” डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड पहल को लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि इन पहलों के साथ-साथ सकारात्मक सोच और मूल्यों पर आधारित समाज निर्माण का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्धारित समय के भीतर फाइलों का निपटारा नहीं करने पर अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सभी फाइलों का ऑनलाइन निपटारा एक महीने के भीतर किया जाना चाहिए। साथ ही जिन अधिकारियों ने दो दिन या उससे कम समय में फाइलें निपटाईं, उन्हें बधाई दी।
उन्होंने कहा कि सचिवों और कलेक्टरों के फील्ड दौरे अनिवार्य हैं और नियमित रूप से होने चाहिए। अधिकारियों को तभी बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी जब उन्हें सीधे जनता से फीडबैक मिलेगा।
नायडू ने कलेक्टरों के सम्मेलन में कुछ विभागाध्यक्षों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि जो अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुए, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाए।
--आईएएनएस
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