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तमिलनाडु में गठबंधन की सरकार बनेगी, डीएमके ने प्रमुख मुद्दों पर काम किया: चिदंबरम

 

कराईकुडी, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मतदान करने के बाद भरोसा जताया कि सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) राज्य में फिर से सरकार बनाएगा।

राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। इस बार 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता 4,023 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। चुनावी मुकाबला चार प्रमुख मोर्चों के बीच है- द्रविड़ मुनेत्र कषगम के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस, अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस, नाम तमिऴर कच्ची और तमिऴगा वेत्रि कषगम।

कराईकुडी के चित्तल आच्ची मेमोरियल हाई स्कूल में मतदान करने के बाद चिदंबरम ने कहा कि राज्य के मतदाता तीन प्रमुख मुद्दों, स्थिर सरकार, विकास और जनकल्याण योजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि डीएमके सरकार, जिसने इन तीनों मोर्चों पर काम किया है, फिर से सत्ता में आएगी और गठबंधन अगले पांच वर्षों तक शासन करेगा।”

चिदंबरम ने यह भी कहा कि गठबंधन की स्थिर सरकार राज्य की वित्तीय स्थिति और बढ़ते कर्ज को संभालने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि सही वित्तीय योजना के जरिए कर्ज का प्रबंधन किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने बजट सत्र के दौरान बताया था कि 2026-27 के अंतरिम बजट अनुमान के अनुसार राज्य का कुल बकाया कर्ज 10.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

कर्ज को लेकर उठ रही चिंताओं पर चिदंबरम ने कहा, “इसमें कोई समस्या नहीं होगी। बजट बनाते समय राज्य और केंद्र, दोनों के राजस्व को ध्यान में रखा जाता है। कर्ज लेना एक सामान्य आर्थिक प्रक्रिया है, अहम बात यह है कि उसे चुकाने की क्षमता हो।”

उन्होंने ‘फ्रीबी’ शब्द के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि जनकल्याण योजनाओं को इस नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने ‘यूनिवर्सल बेसिक इनकम’ (यूबीआई) का जिक्र करते हुए कहा कि इसे लोगों को न्यूनतम आय सुनिश्चित करने के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि ‘फ्रीबी’ के तौर पर।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिससे राज्य की अगली सरकार का फैसला होगा।

--आईएएनएस

डीएससी