एयर इंडिया कर्मचारियों के लिए शुरू करेगा स्टॉक ऑप्शन रिवॉर्ड सिस्टम
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया अपने कर्मचारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड स्टॉक ऑप्शन रिवॉर्ड सिस्टम शुरू करने की योजना बना रहा है।
टाटा ग्रुप की ओर से यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब वह एयर इंडिया को नुकसान से निकालने की कोशिशें कर रहा है।
सोमवार को लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, पायलटों, इंजीनियरों और वरिष्ठ प्रबंधन सहित पात्र कर्मचारियों को स्टॉक ऑप्शन जारी होने के बाद 4 रुपए के अंकित मूल्य और जारी होने के समय के बाजार मूल्य के बीच शेयरों की खरीद करने की अनुमति होगी।
13 फरवरी को हुई एक असाधारण आम बैठक में अनुमोदित इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को प्रेरित करना और उनके प्रदर्शन को कंपनी के विकास एजेंडा के अनुरूप बनाना है। साथ ही, एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों में प्रतिभा को पुरस्कृत करना और आकर्षित करना है।
बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया,“पीएसओपी (परफॉर्मेंस स्टॉक ऑप्शन प्लान) 2026 का उद्देश्य एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों के वर्तमान या भावी पात्र कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत करना और उन्हें कंपनी की वृद्धि और मुनाफे में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।"
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “इस योजना का उद्देश्य संगठन में प्रतिभा को आकर्षित करना, बनाए रखना और पुरस्कृत करना है।”
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एयरलाइन 6 अप्रैल को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय को दी गई जानकारी के अनुसार, पात्र कर्मचारियों के लिए लगभग 227.1 मिलियन स्टॉक ऑप्शन जारी करेगी, जो उसकी कुल शेयर पूंजी का 0.25 प्रतिशत है। सिंगापुर एयरलाइंस को भी आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त शेयर खरीदकर अपनी 25.10 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखने का पूर्व-अधिकार दिया गया है।
वेस्टिंग अवधि एक से पांच वर्ष तक है। इसका अर्थ है कि टाटा इस नए रिवॉर्ड सिस्टम के तहत अपने कर्मचारियों से निरंतर सेवाएं चाहती है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि नामांकन और पात्रता, शेयर आवंटन और मूल्य निर्धारण का निर्णय करेगी।
भारत की दो अन्य सूचीबद्ध एयरलाइंस, इंडिगो और स्पाइसजेट, पहले ही ईएसओपी योजनाएं शुरू कर चुकी हैं। निजी स्वामित्व वाली अकासा एयर में भी ऐसी ही योजना लागू है। एयर इंडिया ने जनवरी 2022 में सरकार से अधिग्रहण के दौरान लगभग 8,000 कर्मचारियों को शेयर आवंटित किए थे। यह कदम एसबीआईकैप ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रबंधित कर्मचारी शेयर लाभ योजना का हिस्सा था।
रिपोर्ट के अनुसार, नई प्रदर्शन-आधारित योजना के तहत, यदि एयरलाइन अपने आंतरिक लक्ष्यों का 85 प्रतिशत से कम हासिल करती है, तो कर्मचारियों को केवल आधे शेयर ही मिल सकते हैं। यह संरचना प्रदर्शन को पुरस्कृत करने और उच्च दक्षता को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब एयर इंडिया नेतृत्व परिवर्तन से गुजर रही है, क्योंकि सीईओ कैंपबेल विल्सन ने 30 मार्च को इस्तीफा दे दिया था। वे उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक पद पर बने रहेंगे। उनका कार्यकाल मूल रूप से जुलाई 2027 में समाप्त होना था।
--आईएएनएस
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