एआईआईबी भारत में एआई, एमएसएमई और स्किलिंग सेक्टर में भी बढ़ा सकता है निवेश: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
दोहा, 29 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) को भारत में केवल पारंपरिक भौतिक अवसंरचना परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और कौशल विकास (स्किलिंग) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी वित्तपोषण का दायरा बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
कतर की राजधानी दोहा में आयोजित एआईआईबी 2026 वार्षिक बैठक के दौरान एआईआईबी की अध्यक्ष झोउ जियायी के साथ बैठक में वित्त मंत्री ने कहा कि एमएसएमई भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि इन्हें एआई-आधारित तकनीकों को अपनाने और कार्यबल के कौशल उन्नयन के लिए सहायता मिले, तो उनकी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में बड़ा सुधार हो सकता है।
बैठक के दौरान एआईआईबी अध्यक्ष ने नई दिल्ली में सफलतापूर्वक आयोजित ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए वित्त मंत्री को बधाई दी। वहीं सीतारमण ने भी एआईआईबी के इस वर्ष की पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन की सराहना की और बैंक की 2027 की बजट योजनाओं तथा परिचालन विस्तार की प्राथमिकताओं के प्रति भारत का समर्थन दोहराया।
दोनों नेताओं ने भारत में एआईआईबी की परियोजनाओं की मजबूत पाइपलाइन और बैंक की वैश्विक उपस्थिति को और व्यापक बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा की। एआईआईबी अध्यक्ष ने दिल्ली और मेरठ में परियोजना स्थलों के अपने हालिया दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि बैंक भविष्य में भी लोगों से जुड़ी परियोजनाओं, शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित पहलों को वित्तीय सहायता देता रहेगा।
वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एआईआईबी की क्षेत्रीय केंद्रीयता उसकी संस्थागत पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहनी चाहिए और बैंक के मूल जनादेश का प्रमुख आधार भी।
इससे पहले सीतारमण ने सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अलजादान से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब भारत का विश्वसनीय और महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है तथा दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-सऊदी अरब द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर वार्ताओं के सफल समापन का स्वागत किया। उनका कहना है कि यह समझौता दोनों देशों के निवेशकों को अधिक स्पष्ट और भरोसेमंद ढांचा उपलब्ध कराएगा तथा निवेशकों के विश्वास को और मजबूत करेगा।
वित्त मंत्री ने स्विट्जरलैंड से एआईआईबी गवर्नर पिएत्रो लाजेरी के साथ बैठक में नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) को विदेशी निवेशकों के लिए भारत में अवसरों तक पहुंच बनाने का एक विश्वसनीय मंच बताया। उन्होंने कहा कि एनआईआईएफ पारदर्शिता और उच्च प्रशासनिक मानकों के साथ काम करता है तथा स्विस निवेशक भारत के अवसंरचना क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने के लिए इसके फंड्स का उपयोग कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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