'विकसित भारत 2047' के लक्ष्यों को हासिल करने में तेजी, क्षमता और जवाबदेही होगी अहम
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में कितनी प्रगति करेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वह वैश्विक बदलावों पर कितनी प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देता है, बड़े पैमाने पर क्षमताओं का विकास करता है और लक्ष्यों को हासिल करने में जवाबदेही कैसे सुनिश्चित करता है। यह जानकारी एक बयान में शुक्रवार को दी गई।
साथ ही, कहा गया कि देश की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तेजी, क्षमता और जवाबदेही बेहद जरूरी हैं।
केपीएमजी इन इंडिया के बयान के अनुसार, ये तीन प्रमुख आवश्यकताएं भारत को भू-राजनीतिक बदलावों, तकनीकी व्यवधानों और नागरिकों की बदलती अपेक्षाओं के बीच आगे बढ़ने में मदद करती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि भारत को पिछले एक दशक में बुनियादी ढांचे, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, वित्तीय समावेशन, विनिर्माण और सार्वजनिक निवेश के क्षेत्र में तैयार मजबूत आधार को दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता, मजबूती, नवाचार और अवसरों में बदलने पर ध्यान देना चाहिए।
रिपोर्ट में बदलाव के प्रमुख वाहकों के रूप में पूंजी आधारित विकास, प्रौद्योगिकी आधारित प्रक्रियाओं और लोगों पर केंद्रित संस्थानों की भूमिका पर जोर दिया गया।
इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में क्षमताएं मजबूत करने का आह्वान किया गया।
केपीएमजी इन इंडिया में पार्टनर और सरकारी एवं सार्वजनिक सेवाओं (जीएंडपीएस) के प्रमुख नीलाचल मिश्रा ने कहा, “इन तीन सिद्धांतों के बीच तालमेल यह तय करेगा कि भारत अपनी आकांक्षाओं को उपलब्धियों में, निवेश को मूल्य में और विकास को व्यापक प्रभाव में कितनी प्रभावी ढंग से बदल पाता है।”
केपीएमजी इन इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) येज्दी नागपोरवाला ने कहा, “हमारी दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि हम अपनी क्षमताओं और ताकत को अधिक उत्पादकता, मजबूत सामर्थ्य और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों में कितनी प्रभावी ढंग से बदलते हैं।”
यह रिपोर्ट ‘अग्रसर भारत मंच’ में जारी की गई। यह केपीएमजी इन इंडिया की सार्वजनिक क्षेत्र उत्कृष्टता (पीएसएक्स) पहल है।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ‘अग्रसर भारत मंच’ देश की आकांक्षाओं और आगे बढ़ने के संकल्प को प्रदर्शित करने का एक प्रभावशाली विचार है। इसके तहत प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, नवाचार, निरंतर प्रतिबद्धता तथा उद्योग, शिक्षा जगत और अन्य हितधारकों के बीच करीबी सहयोग के जरिए प्रगति पर जोर दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि निरंतर प्रगति के लिए सरकार, उद्योग और समाज के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक है।
--आईएएनएस
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