पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े मामले की जांच कर रही एसआईटी में चार और अधिकारी शामिल
कोलकाता, 4 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े मामले की जांच कर रही कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) में चार और अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह मामला यूनेस्को से मान्यता प्राप्त दुर्गा पूजा उत्सव टूर से जुड़े करोड़ों रुपए के फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले से जुड़ा है।
कोलकाता पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि जब एसआईटी का गठन किया गया था, तब इसमें पांच सदस्य थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाकर 9 कर दी गई है। बताया गया कि पुलिस विभाग से शामिल ये चार नए अधिकारी फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों की जांच में माहिर हैं।
यह भी बताया गया है कि दुर्गा पूजा उत्सव टूर से जुड़े मुख्य फर्जी पास मामले के अलावा, जांच अधिकारियों को राज्य के पर्यटन विभाग और सूचना व सांस्कृतिक मामलों के विभाग में टेंडर से जुड़ी गड़बड़ियों में भी इंद्रनील सेन की संलिप्तता के कुछ सुराग मिले हैं। इससे जांच का दायरा और बढ़ गया है।
पुलिस सूत्र के अनुसार, इसी वजह से एसआईटी में जांच अधिकारियों की संख्या बढ़ाई गई है। गायक से राजनेता बने इंद्रनील सेन के खिलाफ जांच को आगे बढ़ाने के लिए, एसआईटी के सदस्य राज्य सरकार के उन दोनों विभागों के संपर्क में हैं, ताकि जरूरी दस्तावेज हासिल किए जा सकें।
सूत्रों ने यह भी बताया कि पुलिस हिरासत में मौजूद इंद्रनील सेन से जांच अधिकारी रोज कई घंटों तक पूछताछ कर रहे हैं। इसके अलावा, एसआईटी ने इस मामले में नौ अन्य लोगों से भी पूछताछ की है। इनमें सबसे अहम नाम उनकी पत्नी मधुछंदा सेन का है, जो 'मास आर्ट' संस्था की मालकिन हैं। आरोप है कि इसी संस्था के जरिए फर्जी दुर्गा पूजा पास बेचे गए थे।
इंद्रनील सेन को 10 नवंबर को कोलकाता की एक निचली अदालत में पेश किया जाना है। पुलिस सूत्र ने बताया कि अदालत में पेशी से पहले, जांच अधिकारी ज्यादा से ज्यादा सबूत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि पूर्व मंत्री को इस मामले में जमानत न मिल सके।
कोलकाता पुलिस ने सेन को तब गिरफ्तार किया, जब वह पिछले हफ्ते कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित ईडी के साल्ट लेक कार्यालय से बाहर निकले थे।
--आईएएनएस
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