×

आरक्षण के मुद्दे पर आजाद समाज पार्टी का ऐलान, 24 सितंबर को जंतर-मंतर पर होगा प्रदर्शन

 

नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर ने गुरुवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी आरक्षण के मुद्दे को लेकर 24 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी स्थित जंतर-मंतर पर एक दिवसीय प्रदर्शन करेगी।

राजधानी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "24 सितंबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होगा। हम देखेंगे कि सरकार हमसे भी उसी तरह बातचीत करती है और उचित कार्रवाई करती है या नहीं, जैसे वह आरक्षण का विरोध करने वालों से बातचीत कर रही थी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा वर्ष 2012 से लंबित है।"

इस दौरान चंद्रशेखर ने बाराबंकी में उनके काफिले पर हुए कथित हमले को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। वह निषाद समुदाय के व्यापारी विनोद कुमार साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे, जिनकी कथित तौर पर सोशल मीडिया विवाद के बाद हत्या कर दी गई थी।

घटना को 'साजिश' बताते हुए उन्होंने कहा, "मुझे मारने की कोशिश की गई। मेरे साथियों को बार-बार धमकियां दी गईं और कहा गया कि उनकी गाड़ियों को आग लगा दी जाएगी। इसके पीछे कोई न कोई साजिश जरूर है।"

इससे पहले उन्होंने बाराबंकी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि यह घटना पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई।

सांसद ने कहा, "हमारी मुख्य मांग है कि हमारी दूसरी तहरीर भी दर्ज की जाए और जिन अधिकारियों के नाम उसमें हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए, क्योंकि जब तक वे अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर सकते हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि घटना से संबंधित वीडियो फुटेज को सुरक्षित रखा जाना चाहिए, ताकि न्यायपालिका को मामले का संज्ञान लेने में कोई कठिनाई न हो।

चंद्रशेखर ने कहा, "हम फिलहाल केवल संवैधानिक तरीकों से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जिसमें महिला उपनिरीक्षक, इंस्पेक्टर और एसीपी समेत संबंधित अधिकारियों के नाम शामिल हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि पूरी पुलिस व्यवस्था को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि कार्रवाई में देरी हुई है, लेकिन हमारी पुलिस हमारा गौरव है। कुछ पुलिसकर्मी गलती कर सकते हैं, लेकिन सभी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। ऐसा करने से लोगों का भरोसा कमजोर होगा।"

चंद्रशेखर ने आगे कहा, "मेरे ऊपर हुए हमले के संबंध में एफआईआर आज दर्ज की गई है। इसके सबूत मौजूद हैं कि वाहनों पर लगी तस्वीरों और पोस्टरों को फाड़ा गया, पैरों तले रौंदा गया और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। यही उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति को दिखाता है।"

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी