महाराष्ट्र: आदित्य ठाकरे ने एमपीएससी परीक्षा स्थगित करने की मांग की
मुंबई, 25 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना के विधायक और विधानसभा नेता आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) परीक्षा और उम्मीदवारों की शिकायतों से संबंधित मौजूदा मुद्दों में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
छात्र समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हुए वर्ली के विधायक ने राज्यपाल के समक्ष औपचारिक रूप से दो प्रमुख मांगें रखीं: वी राधा समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने और लागू होने तक आगामी एमपीएससी परीक्षा स्थगित करना, और परीक्षा स्थगित होने के कारण शैक्षणिक या करियर संबंधी नुकसान झेल रहे उम्मीदवारों को आयु में छूट या रियायत देना।
अपने पोस्ट में ठाकरे ने कहा कि एमपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की मांगें एक बार फिर पत्र के माध्यम से राज्यपाल के समक्ष रखी गई हैं। बार-बार हो रहे पेपर लीक और इसके परिणामस्वरूप छात्रों को हो रही परेशानियों का समाधान खोजना आवश्यक है। वर्तमान स्थिति में, सरकार केवल छात्रों को झूठे आश्वासन दे रही है।
हजारों उम्मीदवारों की चिंता को उजागर करते हुए ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि आयोग के कामकाज और नेतृत्व को लेकर अविश्वास और अनिश्चितता का माहौल है। एमपीएससी राज्यसेवा मुख्य परीक्षा 2026 अगले महीने होने वाली है, और उम्मीदवारों की गंभीर चिंताओं को व्यक्त करने वाली शिकायतें लगातार आ रही हैं।
ठाकरे ने 11 सितंबर को राज्यपाल वर्मा के साथ हुई अपनी पिछली मुलाकात को याद किया, जिसमें उन्होंने एमपीएससी और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर चिंता जताई थी। उस समय उन्होंने प्रशासनिक खामियों के लिए जवाबदेही का हवाला देते हुए एमपीएससी बोर्ड के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की थी और विश्वसनीयता बहाल करने के लिए सख्त कार्रवाई पर जोर दिया था।
पत्र के अंत में ठाकरे ने राज्यपाल से उम्मीदवारों के भविष्य की रक्षा के लिए सहानुभूतिपूर्ण और निर्णायक रुख अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि त्वरित कार्रवाई से एमपीएससी प्रणाली में जनता का विश्वास फिर से कायम करने में मदद मिलेगी और साथ ही समान न्याय सुनिश्चित होगा। उनकी ये मांगें ऐसे समय में आई हैं जब एमपीएससी के उम्मीदवार पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं और एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
ठाकरे ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की क्योंकि वी राधा के नेतृत्व वाली टास्क फोर्स राज्य का दौरा कर छात्रों और उम्मीदवारों सहित सभी हितधारकों से राय ले रही है ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शिता की सिफारिशें की जा सकें।
--आईएएनएस
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