बिहार: बेगूसराय में मुआवजा दिलाने के लिए 4,000 रुपए की रिश्वत लेते क्लर्क पकड़ा गया
पटना, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन में विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने शुक्रवार को बेगूसराय सदर ब्लॉक ऑफिस के एक क्लर्क को गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि वह एक मृत लड़की के परिवार को सरकारी मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया के लिए 4,000 रुपए की रिश्वत ले रहा था।
आरोपी की पहचान सोनू कुमार के तौर पर हुई है। उसे विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने एक ट्रैप ऑपरेशन के दौरान पकड़ा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसने राज्य की आपदा राहत योजना के तहत मुआवजे की फाइल मंजूर करने के लिए पैसे की मांग की थी।
चांदपुर गांव की रहने वाली शिकायतकर्ता दौलती देवी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी रानी कुमारी पिछले साल नवंबर में छठ पूजा के 'नहाय-खाय' अनुष्ठान के दौरान नहाते समय डूब गई थी।
आपदा राहत प्रावधानों के तहत परिवार को सरकार से 4 लाख रुपए का मुआवजा मिलना था।
शिकायत के अनुसार, बार-बार ऑफिस के चक्कर लगाने के बावजूद मुआवजे की फाइल सदर ब्लॉक ऑफिस में लगभग एक साल से लंबित पड़ी थी।
दौलती देवी ने आरोप लगाया कि सोनू कुमार ने शुरू में फाइल प्रोसेस करने और मुआवजे की रकम जारी करने के लिए 80,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी।
उन्होंने दावा किया कि बाद में यह मांग घटाकर 5,000 रुपए कर दी गई और आखिरकार उनकी खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देने के बाद यह 4,000 रुपए पर तय हुई।
कथित रिश्वत न दे पाने के कारण दौलती देवी ने विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
विजिलेंस डीएसपी रामबाबू प्रसाद के अनुसार, विभाग ने पहले आरोपों की पुष्टि की।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज किया गया और एक ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई गई।
शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने सदर ब्लॉक ऑफिस में जाल बिछाया। जैसे ही सोनू कुमार ने शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 4,000 रुपए लिए अधिकारियों ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी रामबाबू प्रसाद ने कहा कि शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक (विजिलेंस) को बताया कि एक क्लर्क ने 4 लाख रुपए के आपदा राहत मुआवजे से जुड़े कागजात की प्रक्रिया के लिए रिश्वत की मांग की थी। पुष्टि के बाद मामला दर्ज किया गया और आरोपी को 4,000 रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
इस गिरफ्तारी से सदर ब्लॉक ऑफिस में हड़कंप मच गया। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।
विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच जारी रहेगी कि क्या रिश्वत की कथित मांग में कोई अन्य अधिकारी भी शामिल था।
--आईएएनएस
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