×

स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए सरकार की बड़ी पहल, 90 हजार श्रमिकों का सत्यापन

 

नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने कहा कि स्वच्छता कर्मियों की गरिमा सुनिश्चित करने, उन्हें सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य बीमा कवरेज और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की पहल के तहत सीवर और सेप्टिक टैंक से जुड़े लगभग 90,000 श्रमिकों की प्रोफाइलिंग और सत्यापन किया गया है।

पंत ने कहा कि रविवार को जारी एक ऑफिशियल बयान के मुताबिक, जिन 90,942 सीवर और सेप्टिक टैंक वर्कर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, उनमें से 89,248 को वैलिडेट किया गया है।

उन्होंने कहा कि 87,037 सफाई कर्मचारियों को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट किट दी गई हैं, जबकि 76,247 वर्कर्स को अलग-अलग हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के तहत कवर किया गया है, जो सुरक्षित काम करने के हालात और हेल्थकेयर प्रोटेक्शन तक पहुंच में मदद करती हैं।

सुधांश पंत ने आगे बताया कि कुल 3,78,547 कचरा बीनने वालों की प्रोफाइलिंग की गई है, जिनमें से 2,52,163 लोगों का ई-केवाईसी के माध्यम से सत्यापन किया जा चुका है। लगभग 1,31,864 कचरा बीनने वालों को पीपीई किट मिली हैं, जबकि 1,24,835 कचरा बीनने वालों का डेटा आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए प्रोसेस किया गया है।

सचिव ने बताया कि स्वच्छता कर्मियों को स्वच्छता कार्यों के लिए वाहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 364 वाहनों की खरीद के लिए 983 स्वच्छता कर्मियों को 34.17 करोड़ रुपए की अग्रिम पूंजी सब्सिडी जारी की गई है। यह सहायता मशीनीकृत स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वच्छता कर्मियों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसरों को मजबूत करने में मदद कर रही है।

सुधांश पंत ने बताया कि सुरक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे को और सशक्त बनाने के लिए 753 सुरक्षा उपकरण बड़े नगर निगमों और जिलों में स्थापित इमरजेंसी रिस्पांस सेनिटेशन यूनिट्स (ईआरएसयू) को भेजे गए हैं।

वित्तीय और कल्याणकारी सहायता के साथ-साथ देशभर में सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई को रोकने के उद्देश्य से 1,562 कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है। सचिव ने बताया कि जून 2024 में इस योजना के दायरे का विस्तार करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) से जुड़े कचरा बीनने वालों को भी शामिल किया गया। इससे इस वर्ग के श्रमिकों को भी कल्याणकारी और सुरक्षा संबंधी सहायता का लाभ मिल सकेगा।

सुधांश पंत ने विश्वास जताया कि ये कदम स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े श्रमिकों की व्यावसायिक सुरक्षा को मजबूत करने, कल्याणकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने और उनकी गरिमा को बनाए रखने के लिए मंत्रालय के निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी