असम के सीएम ने सीआईसी के इस्तीफे के लिए सीजेपी के 48 घंटे के अल्टीमेटम का मजाक उड़ाया
गुवाहाटी, 25 सितंबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को दिए गए 48 घंटे के इस्तीफे के अल्टीमेटम को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री सरमा ने यहां पत्रकारों से कहा कि सीजेपी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफे की मांग करना निरर्थक है। यह एक हास्यास्पद टिप्पणी है। सीजेपी किसी से भी इस्तीफे की मांग कर सकती है, जैसे कल वे मुझसे भी इस्तीफे की मांग कर सकते हैं। लेकिन निश्चित रूप से, मैं कोई जवाब नहीं दूंगा।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि सीजेपी किसी भी मामले पर आपत्ति उठा सकती है, लेकिन संवैधानिक पद से किसी व्यक्ति के इस्तीफे की मांग करना निराधार है।
मुख्यमंत्री सरमा ने इससे पहले यह भी कहा कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) सामूहिक रूप से कार्य करता है और निर्णय केवल एक आयुक्त द्वारा अकेले नहीं लिए जा सकते।
उनकी ये टिप्पणी सीजेपी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 48 घंटों के भीतर इस्तीफा देने की मांग और मांग पूरी न होने पर 'जंतर मंतर 2.0' सहित राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने की धमकी के एक दिन बाद आई है।
सीजेपी ने चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर आरोप लगाए हैं।
संगठन ने आगामी चुनावों को स्थगित करने और मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया को उसके पूर्व स्वरूप में वापस लाने की भी मांग की है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त अन्य चुनाव आयुक्तों की अनदेखी करके स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले सकते। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निर्णय आयोग द्वारा सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।
यह मुद्दा एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े कुछ निर्णयों को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों के बाद सामने आया है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि संशोधन प्रक्रिया से संबंधित निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे, जबकि मीडिया रिपोर्टों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा कई मौकों पर उठाई गई आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार निर्धारित 48 घंटों के भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।
मुख्यमंत्री सरमा की ये टिप्पणियां मतदाता सूची, चुनाव आयोग के कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर तेज होती राजनीतिक बहस के बीच आई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्णयों को केवल मुख्य चुनाव आयुक्त को सौंपने के बजाय, इसके सामूहिक संस्थागत कामकाज के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
--आईएएनएस
एमएस/