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गुजरात: 4.35 करोड़ रुपए कीमत की 4.35 किलो 'व्हेल की उल्टी' जब्त, दो लोग हिरासत में

 

अहमदाबाद, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) ने अहमदाबाद ग्रामीण के बावला इलाके में छापेमारी के दौरान दो लोगों से 4.354 किलोग्राम एम्बरग्रीस (व्हेल की उल्टी) जब्त की, जिसकी कीमत 4.35 करोड़ रुपए है। इस संबंध में पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी।

राज्य में गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीएस मलिक के निर्देशों के बाद पुलिस ने राजकोट-अहमदाबाद हाईवे पर आकृति आर्केड कॉम्प्लेक्स के पार्किंग एरिया में यह जब्ती की।

पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों लोगों की पहचान अजय चावड़ा (आनंद जिले के खंभात तालुका के तारकपुर का निवासी) और हितेश चौहान (अहमदाबाद जिले के ढोलका तालुका के भेटावाड़ा का निवासी) के तौर पर की है।

स्टेट मॉनिटरिंग सेल के मुताबिक, इस छापेमारी का नेतृत्व पुलिस सब-इंस्पेक्टर वीके राठौड़ ने किया। टीम को अलग-अलग आकार और साइज के एम्बरग्रीस के टुकड़े मिले, जो सफेद, क्रीम, सुनहरे और भूरे रंग के सख्त और ठोस पदार्थ जैसे थे। वन विभाग और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के अधिकारियों ने उस सामान की जांच की।

जब्त किए गए एम्बरग्रीस का वजन 4 किलो 354 ग्राम था और उसकी कीमत 4,35,40,000 रुपए थी। ऑपरेशन के दौरान जब्त किए गए दूसरे सामान को मिलाकर, जब्त की गई कुल चीजों की कीमत 4,38,17,770 रुपए थी।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 106 के तहत जांच के लिए सामान जब्त किया और कानून की धारा 35(1)(ई) के तहत दो लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने उन्हें वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बावला पुलिस स्टेशन को सौंप दिया।

पूछताछ के दौरान चावड़ा ने पुलिस को बताया कि खंभात के तारकपुर के ही रहने वाले मेहुल डाभी ने उसे एम्बरग्रीस बेचने में मदद करने के लिए बावला बुलाया था। इसके बाद चावड़ा, किशन गोहेल और एक और व्यक्ति के साथ बावला गए।

पुलिस के बयान के अनुसार, वे गवालिया होटल के पास गए, जहां हितेश चौहान, खंभात के हेडलपारा के अशोक वाघेला से एम्बरग्रीस लेकर पहुंचा। बताया जा रहा है कि उसने यह काम सचिन नाम के व्यक्ति के कहने पर किया था।

पुलिस ने बताया, "इसके बाद यह ग्रुप एम्बरग्रीस को बेचने के लिए किशन गोहेल को सौंपने बावला चौकड़ी के पास आकृति आर्केड कॉम्प्लेक्स के पार्किंग एरिया में गया, जहां उन दो लोगों को उस सामान के साथ पकड़ लिया गया।"

वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत स्पर्म व्हेल को शेड्यूल-I में रखा गया है।

पुलिस ने बताया कि एम्बरग्रीस का इस्तेमाल अच्छी क्वालिटी के परफ्यूम में 'फिक्सेटिव' के तौर पर किया जाता है, जिससे खुशबू ज्यादा देर तक टिकती है और उसकी महक बेहतर होती है। इसका इस्तेमाल अगरबत्ती, खुशबूदार तेल और खुशबू वाले दूसरे प्रोडक्ट्स में भी किया जाता रहा है।

इस पदार्थ का इस्तेमाल ऐतिहासिक रूप से दवा के तौर पर और कुछ संस्कृतियों में कामोत्तेजक के रूप में किया जाता रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत बहुत ज्यादा है। स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने बताया कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई बावला पुलिस स्टेशन के जरिए की जा रही है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी