मोदी स्टोरी: 2001 में न्यूजीलैंड में पीएम मोदी ने दिया था भारतीय संस्कृति का संदेश
ऑकलैंड, 10 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरे के दौरान वहां के भारतीय समुदाय ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसी बीच भारतीय मूल के लोगों ने वर्ष 2001 में उनकी न्यूजीलैंड यात्रा को भी याद किया, जब उन्होंने प्रवासी भारतीय बच्चों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया था।
भारतीय मूल के दिनेश पाहूजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संचालित लोकप्रिय हैंडल 'मोदी स्टोरी' से बातचीत में वर्ष 2001 की उस यात्रा की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता के रूप में न्यूजीलैंड आए थे।
पाहूजा ने बताया कि उस दौरान मोदी ने मैनुकाउ इंडियन एसोसिएशन द्वारा संचालित एक गुजराती स्कूल का दौरा किया था। वहां उन्होंने स्कूल प्रबंधन से पूछा कि क्या बच्चों को केवल गुजराती भाषा सिखाई जाती है या भारतीय संस्कृति और मूल्यों की भी जानकारी दी जाती है।
उन्होंने बताया कि जब मोदी को यह जानकारी मिली कि स्कूल में मुख्य रूप से केवल भाषा शिक्षा पर ध्यान दिया जाता है, तो उन्होंने सुझाव दिया कि पाठ्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को भी शामिल किया जाए।
पाहूजा के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का मानना था कि इससे विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के बच्चे अपनी मातृभूमि से जुड़े रहेंगे और भारत की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ देश में हो रहे विकास को भी बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
उन्होंने कहा, "मोदी जी ने सुझाव दिया था कि गुजराती स्कूल के माध्यम से बच्चों को केवल भाषा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों की भी शिक्षा दी जाए। इससे उनका अपनी मातृभूमि से जुड़ाव मजबूत होगा और वे भारत को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।"
'मोदी स्टोरी' ने भी एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि मैनुकाउ इंडियन एसोसिएशन के गुजराती स्कूल के दौरे के दौरान नरेंद्र मोदी ने पाठ्यक्रम में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और विरासत को शामिल करने का सुझाव दिया था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चे केवल भाषा ही न सीखें, बल्कि अपनी भारतीय जड़ों, संस्कृति और मूल्यों से भी गर्व के साथ जुड़े रहें।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मौजूदा न्यूजीलैंड दौरा 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है, जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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