रूसी सेना में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी, 139 को मिली रिहाई : विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 139 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से मुक्त कराया जा चुका है और बाकी बचे लगभग 24 भारतीयों की रिहाई के लिए प्रयास जारी हैं।
द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम रूसी सेना में मौजूद बाकी भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए रूसी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। अब तक हमारे प्रयासों से 139 भारतीय नागरिकों को रिहा कराया जा चुका है। रूसी सेना में बताए जा रहे बाकी करीब 24 भारतीयों की रिहाई के लिए भी हम लगातार कोशिश कर रहे हैं।"
उन्होंने लोगों को जोखिम भरे नौकरी के प्रस्तावों को लेकर भी सावधान किया। प्रवक्ता ने कहा, "हम एक बार फिर लोगों को आगाह करना चाहते हैं कि वे ऐसे नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहें, जिनमें खतरा हो और जो बेईमान लोगों या संदिग्ध एजेंसियों की ओर से दिए जा रहे हों।"
सितंबर 2025 में एमईए ने एक सख्त सलाह जारी करते हुए भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में शामिल होने से सावधान किया था। यह चेतावनी उन खबरों के बाद आई थी, जिनमें कहा गया था कि मॉस्को गए कई भारतीयों को यूक्रेन युद्ध में लड़ाकू भूमिकाओं में भेजा जा रहा था।
यह सलाह एक प्रमुख अखबार की रिपोर्ट के बाद जारी की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में मौजूद दो भारतीय युवकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें कंस्ट्रक्शन जॉब का लालच देकर रूस बुलाया गया, लेकिन बाद में उन्हें युद्ध की अग्रिम पंक्ति में भेज दिया गया।
रूस की ओर से नवंबर 2024 में कब्जे में लिए गए शहर सेलीडोव से फोन पर बात करते हुए उन्होंने दावा किया था कि कम से कम 13 अन्य भारतीय भी इसी तरह की परिस्थितियों में फंसे हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों युवक पिछले छह महीनों के दौरान छात्र या विजिटर वीजा पर रूस गए थे। उनका आरोप था कि एक एजेंट ने उन्हें निर्माण क्षेत्र में नौकरी का वादा किया था, लेकिन उन्हें गुमराह करके सीधे युद्ध के मैदान में भेज दिया गया।
--आईएएनएस
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