मोदी सरकार के 12 साल: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भारत की एक दशक की विकास यात्रा को सराहा
नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को पिछले एक दशक में देश के सभी क्षत्रों में हुई वृद्धि और प्रगति की प्रशंसा की, जिसमें गरीबी उन्मूलन से लेकर बुनियादी ढांचे के विकास व्यापक जन कल्याण कार्यक्रमों तक शामिल हैं। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बयान दिया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने उपराष्ट्रपति के एक्स पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा कि जैसे-जैसे भारत अमृतकाल में आगे बढ़ रहा है, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सरकार की उन कोशिशों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे देश भर के लोगों, खासकर नारी शक्ति, युवाओं और किसानों को फायदा हुआ है।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद, तिरुवल्लुवर और सुब्रमण्यम भारती से प्रेरणा लेते हुए वह सभी से 2047 तक एक विकसित भारत बनाने के लिए मिलकर कोशिश करने की अपील करते हैं।
देश के मजबूत विकास सूचकांक और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं के प्रति उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की प्रशंसा ऐसे समय में सामने आई है, जब नरेंद्र मोदी सरकार ने केंद्र में सत्ता के 12 साल पूरे कर लिए हैं।
इससे पहले उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा, "पिछले दशक में भारत में हुई प्रगति ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।" उन्होंने आगे कहा कि अगर भारत अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करते हुए दुनिया के लिए 'विश्वगुरु या मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, जो वैश्विक विकास के दृष्टिकोण को बाधित करने की धमकी दे रही हैं, देश जबरदस्त दृढ़ संकल्प और जोश के साथ आगे बढ़ रहा है, और उन्होंने युवाओं, महिलाओं, छात्रों और किसानों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की कई उपलब्धियों को गिनाया।
उन्होंने समावेशी विकास मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि 25 करोड़ भारतीयों को गरीबी से बाहर निकाला गया है, 12 करोड़ लोगों को पाइप से पानी उपलब्ध कराया गया है और स्वच्छ भारत पहल के तहत 60 करोड़ से अधिक लोगों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर मिला है।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की गरीब कल्याण योजना की भी सराहना की, जिसके तहत 80 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किलो अनाज मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है, और आयुष्मान भारत योजना को 'गेमचेंजर' बताया, जिसने 40 करोड़ से अधिक लोगों को चिकित्सा बीमा कवर प्रदान किया है।
उन्होंने कहा कि देश के किसानों ने भारत को विश्व के दूसरे सबसे बड़े खाद्य उत्पादक के रूप में स्थापित किया है, जिससे भारत चावल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन गया है, और उन्होंने आशा व्यक्त की कि 'महिला शक्ति' जल्द ही इस महत्वपूर्ण यात्रा में अपना योगदान देगी।
उन्होंने एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आधिकारिक पोर्टल पर लिखे एक लंबे ब्लॉग पोस्ट में कहा, "3 करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी और नमो ड्रोन दीदी बन चुकी हैं। देशभर में यात्रा करते समय जब मैं लखपति दीदी और नमो ड्रोन दीदी से मिलता हूं तो मुझे हमारी बहनों के चेहरों पर आशा की किरण दिखाई देती है।"
जम्मू-कश्मीर में चेनाब पुल को नए युग के बुनियादी ढांचे और सीमावर्ती क्षेत्रों तथा दूरस्थ स्थानों पर सड़कों और राजमार्गों के बड़े पैमाने पर निर्माण में एक इंजीनियरिंग चमत्कार बताते हुए उन्होंने कहा कि ये विकास प्रधानमंत्री द्वारा स्वयं प्रगति योजना के तहत की गई कड़ी निगरानी के कारण संभव हुए हैं।
उपराष्ट्रपति ने आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी अभियानों के प्रति सरकार के जीरो-टॉलरेंस दृष्टिकोण की भी प्रशंसा की और कहा कि साहसिक नीतिगत निर्णयों ने पहली बार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने का अवसर प्रदान किया है।
स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक शब्दों का हवाला देते हुए उन्होंने सभी नागरिकों से विकसित भारत के मिशन को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "हमने यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2047 तक, यानी स्वतंत्रता के एक शताब्दी के भीतर, भारत एक अग्रणी वैश्विक शक्ति बन जाए और विश्व का मार्गदर्शन करने की स्थिति तक पहुंचे। परिश्रम का यह युग ही 'अमृत काल' है।"
--आईएएनएस
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