इलिनोइस हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश, 105 अमेरिकी लॉ मेकर्स ने एफबीआई जांच की मांग की
वाशिंगटन, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका के इलिनोइस में एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कोशिश के मामले में 105 अमेरिकी लॉ मेकर्स ने एफबीआई (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) से जांच की मांग की है।
लॉ मेकर्स ने इसे संभावित संघीय हेट क्राइम के तौर पर जांच करने को कहा है और भारतीय-अमेरिकी तथा अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ बढ़ते खतरों को लेकर चेतावनी दी है।
इस द्विदलीय अपील की अगुवाई भारतीय-अमेरिकी लॉ मेकर्स राजा कृष्णमूर्ति ने की, जो 11 अक्टूबर को जब हमले की कोशिश हुई तब अपने परिवार के साथ ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर में पूजा कर रहे थे।
मंगलवार को एफबीआई निदेशक काश पटेल को लिखे पत्र में लॉ मेकर्स ने इस घटना की व्यापक जांच की मांग की, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या आरोपी ने नस्लीय और धार्मिक नफरत के कारण यह कदम उठाया और क्या दूसरों ने कथित हमले की योजना बनाने या उसे बढ़ावा देने में मदद की।
हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस के सभी भारतीय-अमेरिकी सदस्य, इलिनोइस हाउस का पूरा डेमोक्रेटिक प्रतिनिधिमंडल और सीनेटर डिक डरबिन, टैमी डकवर्थ, एंडी किम और क्रिस वैन हॉलेन शामिल हैं।
अभियोजकों के अनुसार, 19 साल के एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस, जो इलिनोइस के पैलेटाइन का रहने वाला है, गोलीबारी करने के इरादे से मंदिर गया था, लेकिन राइफल में खराबी के बाद भाग गया। अधिकारियों ने बताया कि उसी दिन एक सहकर्मी ने पुलिस को उसकी वापस लौटने की कथित योजना के बारे में बताया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अभियोजकों का आरोप है कि खुद को नव-नाजी बताने वाले पापोराकिस ने हिंदू पूजा स्थल पर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का वर्णन करते हुए आठ पन्नों का श्वेत वर्चस्ववादी घोषणापत्र तैयार किया था।
कांग्रेसी पत्र के अनुसार, जांचकर्ताओं ने एक राइफल, सैकड़ों गोलियां, बॉडी आर्मर और श्वेत वर्चस्ववादी तस्वीरें बरामद की हैं। आरोपी पर आतंकवादी धमकी देने और हथियारों के अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है। अदालत में अभी आरोप साबित नहीं हुए हैं।
लॉ मेकर्स ने लिखा, "लक्षित नस्लीय नफरत, धार्मिक स्थल और सामूहिक हिंसा की तैयारी का यह कथित मेल एक व्यापक संघीय प्रतिक्रिया की मांग करता है।"
उन्होंने स्थानीय जांचकर्ताओं को एफबीआई की मदद को स्वीकार किया। पत्र में भारतीयों, हिंदुओं, सिखों और अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों के प्रति बढ़ती ऑनलाइन शत्रुता पर भी चिंता जताई गई।
सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट के सितंबर 2026 के अध्ययन का हवाला देते हुए लॉ मेकर्स ने कहा कि जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर 5,42,000 से ज्यादा दक्षिण एशियाई विरोधी नफरत भरे पोस्ट आए। अध्ययन में पाया गया कि ऐसे पोस्ट की मासिक संख्या जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच लगभग 240 प्रतिशत बढ़ गई।
कार्नेगी एंडोमेंट के एक अलग सर्वे में पाया गया कि 48 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी उत्तरदाताओं ने 2025 की शुरुआत से अपने समुदाय को निशाना बनाते हुए नस्लवादी ऑनलाइन पोस्ट अक्सर देखे हैं।
लॉ मेकर्स ने संघीय एजेंसियों के सोशल मीडिया संदेशों की भी आलोचना की, जो उनके अनुसार नस्लीय और धार्मिक रूढ़ियों को बढ़ावा देने का जोखिम रखते हैं।
उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की सितंबर की एक पोस्ट का जिक्र किया, जिसमें एक सिख व्यक्ति की तस्वीर के साथ लिखा था, "हमारी सड़कों से उतर जाओ, तुम्हें गाड़ी चलाना नहीं आता मिस्टर सिंह।" आलोचना के बाद पोस्ट हटा दी गई, जबकि डीएचएस ने कहा कि यह एक घातक सड़क दुर्घटना के आरोपी एक विशेष व्यक्ति के बारे में थी।
लॉ मेकर्स ने टेक्सास विश्वविद्यालय के फुटबॉल खेल में दक्षिण एशियाई दर्शकों के बारे में शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग की एक पोस्ट का भी जिक्र किया। पत्र में कहा गया, "हम मानते हैं कि इस तरह के संदेश नस्लीय और धार्मिक रूढ़ियों को सरकारी वैधता देने का जोखिम रखते हैं।"
लॉ मेकर्स ने एफबीआई से पूछा कि क्या जांचकर्ता ऑरोरा साजिश से जुड़े ऑनलाइन संचार की जांच कर रहे हैं, जिसमें अन्य लोगों की संभावित मदद भी शामिल है। उन्होंने संभावित रूप से लक्षित पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए विश्वसनीय खतरों की पहचान करने, स्थानीय अधिकारियों के साथ खुफिया जानकारी साझा करने और उनकी रक्षा करने की एजेंसी की क्षमता के बारे में भी जानकारी मांगी।
पत्र में 29 अक्टूबर तक लिखित जवाब मांगा गया है, जिसमें इस बात का विवरण भी शामिल है कि क्या जांच नस्लीय और धार्मिक दोनों तरह के पक्षपात की जांच कर रही है।
लॉ मेकर्स ने लिखा, "किसी को भी अपने वंश, रंग-रूप या आस्था के कारण निशाना बनाए जाने का डर नहीं होना चाहिए, और किसी भी मण्डली को यह नहीं सोचना चाहिए कि पूजा के लिए इकट्ठा होने से उसके सदस्य सामूहिक हिंसा के निशाने पर आ जाएंगे।"
--आईएएनएस
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