2029 तक 100 प्रतिशत आवास कार्यक्रम का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा: चंद्रबाबू नायडू
अमरावती, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार हर गरीब परिवार को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने घोषणा की कि 2029 तक 100 प्रतिशत आवास कार्यक्रम का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ गुंटूर जिले के बुर्रीपालेम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) 2.0 के तहत राज्य भर में 3 लाख घरों के निर्माण की नींव रखी।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने शुरुआत में नियमित कोटे के तहत आंध्र प्रदेश को केवल 75,000 घरों की मंजूरी दी थी। हालांकि, एक विशेष अनुरोध के बाद, केंद्र सरकार ने 3 लाख घरों की मंजूरी दी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मौजूदा बैच के पूरा होते ही 3 लाख और घरों की मंजूरी देने पर सहमति जताई है, और अगले साल अतिरिक्त 3 लाख घरों की मंजूरी दी जाएगी, जिससे कुल आवंटन 9 लाख घरों तक पहुंच जाएगा।
मुख्यमंत्री ने 'बुर्रीपालेम' का जिक्र करते हुए कहा कि यह गांव दिग्गज अभिनेता सुपरस्टार कृष्णा का पर्याय था और अब इसने केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर के रूप में एक राजनीतिक नायक को भी जन्म दिया है।
उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश से समर्थित गठबंधन सरकार समाज के हर वर्ग तक कल्याण और विकास सुनिश्चित करके सुशासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। पट्टाभिषेकम पहल के तहत, लंबे समय से लंबित भूमि विवादों का समाधान किया गया है और गरीबों को आवास भूखंड वितरित किए गए हैं। विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, मंगलगीरी और राज्य के अन्य हिस्सों में 52,000 करोड़ रुपए के आवास भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार का एजेंडा हर समुदाय और हर क्षेत्र का समर्थन करना है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रशंसा करते हुए चंद्रबाबू नायडू ने उन्हें गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित नेता बताया। उन्होंने मध्य प्रदेश में चौहान के प्रमुख नदी-जोड़ परियोजनाओं के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ चौहान के घनिष्ठ संबंध ने उन्हें मध्य प्रदेश की जनता के बीच 'मामा' की उपाधि दिलाई है।
नायडू ने 2019 से 2024 के बीच आवास कार्यक्रम के कुप्रबंधन के लिए पिछली सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि गरीबों के लिए निर्धारित 6 लाख घरों को रद्द कर दिया गया था और भ्रष्टाचार और अनियमितताओं ने इस पहल को कमजोर कर दिया था। उन्होंने कहा कि तालाबों और पहाड़ियों सहित अनुपयुक्त स्थानों पर मकान बनाने के लिए भूखंड आवंटित किए गए थे, जिससे वे रहने योग्य नहीं रह गए थे। परिणामस्वरूप, लगभग 4 लाख लाभार्थियों ने अपने आवंटित मकान भूखंड लौटा दिए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने गरीबों के लिए गुणवत्तापूर्ण मकान बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसी पहल के तहत, बुर्रीपालेम में प्रायोगिक तौर पर 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक शुरू की जाएगी। इस तकनीक से बने मकानों में घर के अंदर का तापमान बाहर के तापमान से कम से कम 8 डिग्री सेल्सियस कम रहने की उम्मीद है, जिससे निवासियों को अधिक आराम मिलेगा।
उन्होंने कहा कि 3डी तकनीक से बने मकानों के सफल निर्माण के बाद, आंध्र प्रदेश को 3डी तकनीक आवास कार्यक्रम में एक आदर्श बनाने के लिए इसी तकनीक से 5,000 मकानों का निर्माण शुरू किया जाएगा।
--आईएएनएस
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