हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ समारोह में शामिल होने पहुंचे देशभर के नेता
गुवाहाटी, 12 मई (आईएएनएस)। असम विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद मंगलवार को हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। गुवाहाटी में होने वाले इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी पहुंच रहे हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रवाना हो चुके हैं। सभी नेता विवंता होटल के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले।
इसके अलावा, मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग और अन्य नेता भी समारोह में हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शपथ ग्रहण से पहले मां कामाख्या मंदिर में दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
इस पूरे आयोजन को लेकर गुवाहाटी में काफी उत्साह का माहौल है। समारोह में भाजपा के कई बड़े नेता शामिल होने वाले हैं, इसलिए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। होटल से लेकर आयोजन स्थल तक सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर खास ध्यान दिया गया है। समर्थकों की भीड़ और नेताओं की मौजूदगी के कारण यह शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह से पहले, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने विश्व प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
इसको लेकर सीएम रेखा गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर कहा, "मां कामाख्या के पावन धाम में सपरिवार दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर समस्त देशवासियों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूर्वोत्तर भारत अष्टलक्ष्मी के रूप में आस्था, संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और विकास की अद्भुत शक्ति का प्रतीक है। मां कामाख्या की यह पुण्यभूमि सदियों से शक्ति, साधना और सनातन परंपरा की दिव्य धारा से पूरे राष्ट्र को प्रेरित करती रही है। मां कामाख्या से प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद सभी देशवासियों पर सदैव बना रहे और भारत निरंतर प्रगति, समृद्धि और गौरव के पथ पर आगे बढ़ता रहे।"
--आईएएनएस
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