×

अमरनाथ गुफा का हिमलिंग 5 दिन में लगभग पिघला, वीडियो में जाने यात्रा जारी; अब तक 1 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

 

जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक बर्फ से बनने वाला शिवलिंग (हिमलिंग) यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन के भीतर लगभग पूरी तरह पिघल गया है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और बड़ी संख्या में भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लगातार पहुंच रहे हैं।

3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा के पहले चार दिनों में करीब 86 हजार श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार यानी पांचवें दिन यह आंकड़ा 1 लाख के पार पहुंचने की उम्मीद है।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/1qiJMxQj_no?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/1qiJMxQj_no/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

23 मई को 7 फीट ऊंचा था हिमलिंग

23 मई को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों द्वारा जारी तस्वीरों में प्राकृतिक हिमलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट दिखाई गई थी। वहीं, 29 जून को हुई पहली पूजा के दौरान भी हिमलिंग 5 फीट से अधिक ऊंचा था।

हालांकि, 6 जुलाई को सामने आई ताजा तस्वीरों में हिमलिंग लगभग 90 प्रतिशत तक पिघल चुका है। यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनों में हिमलिंग के तेजी से पिघलने को लेकर श्रद्धालुओं के बीच चर्चा बनी हुई है।

4 लाख श्रद्धालुओं ने कराया है पंजीकरण

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। अब तक लगभग 1 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का अभी दर्शन करना बाकी है। ऐसे में यात्रा आगामी दिनों में भी पूरी रफ्तार से जारी रहने की उम्मीद है।

दो मार्गों से जारी है यात्रा

श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए दो प्रमुख मार्गों का उपयोग कर रहे हैं।

  • 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग, जो पारंपरिक और अपेक्षाकृत आसान माना जाता है।
  • 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग, जो छोटा लेकिन अधिक कठिन और खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता है।

दोनों मार्गों से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंच रहे हैं।

28 अगस्त को समाप्त होगी यात्रा

57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन होगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और यात्रा प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। हिमलिंग के पिघलने के बावजूद श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।