हिमाचल प्रदेश में मानसून को लेकर कैसी है तैयारी, मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दी पूरी जानकारी
शिमला, 7 जुलाई ( आईएएनएस)। हिमाचल सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मानसून की तैयारियों को लेकर बैठक की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी।
विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक, हमने मुख्य अभियंताओं के साथ बैठक की। प्रदेश के जितने भी पहाड़ी जनपद हैं, वहां मशीनों को तैनात करने का फैसला किया गया है। मुख्य रूप से रामपुर, सिरमौर और कुल्लू जैसे इलाकों में मशीनों को तैनात करने का फैसला किया है। मौजूदा समय में जेसीबी के इतर अन्य मशीनें भी तैनात की जा रही हैं। अभी सड़कों को खोलने की कवायद शुरू की जा चुकी हैं। हम स्थिति को सामान्य करने में जुटे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आज सुबह भी मैंने इस संबंध में बैठक की थी, जिसमें हमें यह जानकारी मिली है कि 104 सड़कें भी बंद पड़ी हैं। इसमें छोटी छोटी लिंक रोड भी शामिल हैं। सभी सड़कें एक आध दिन में खोल दी जाएंगी। फिलहाल पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य बनी हुई है। हालांकि, हमारी कोशिश है कि किसी भी तरह से स्थिति चुनौतीपूर्ण नहीं हो। अगले कुछ महीने तक भारी बारिश होनी है। ऐसी स्थिति में हमारी यही कोशिश है कि स्थिति किसी भी लिहाज से जटिल नहीं हो।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक, भूस्खलन और लैंडस्लाइड जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। इन्हीं सब बातों का हमें ध्यान रखना होगा। इसी को देखते हुए आज हमने अपने पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक का केंद्रीय विषय यही था कि कैसे मानसून के समय में स्थिति को सामान्य किया जाए। हमारी यही कोशिश है कि हर संवेदनशील स्थानों पर मशीनों को तैनात किया जाए। बागवानों के फसलों को आने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। इन्हीं सबह स्थिति को देखते हुए हम काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वैसे तो इस स्थिति से निपटने के लिए बाकायदा सभी एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ काम करती है, लेकिन हमारे विभाग लोक निर्माण की यही कोशिश है कि स्थिति किसी भी सूरत में पेचीदा नहीं हो। जहां पर मशीने लगनी हैं, वहां पर मशीनें लगे। इस दिशा में हम पूरा प्रयास कर रहे हैं। मौजूदा समय में हमारे पास करीब 1506 मशीनें हैं, जिन्हें हमने तैनात कर दिया है। अगर कहीं पर कोई दिक्कत पैदा होगी, तो हम प्रदेशवासियों को पूरा सहयोग प्रदान करेंगे।
इसके अलावा, उन्होंने धर्मांतरण को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, अगर कोई सबसे पहली बार धर्मांतरण का कानून लेकर आया, तो वो कांग्रेस की सरकार लेकर आई थी, जब वीरभद्र सिंह प्रदेश के सीएम के पद पर काबिज थे। मंदिरों के निर्माण की दिशा में हमारी सरकार ने समय-समय पर काम किया है।
साथ ही, उन्होंने राम चढ़ावा विवाद को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज हम ही नहीं, बल्कि पूरा देश इसे लेकर सवाल उठा रहा है। आज सिंधी वर्ग, जिन्होंने करोड़ों रुपए की चांदी दान दी। आज यह समुदाय पर भी लिखित रूप में यह मांग कर रहा है कि हमें पता होना चाहिए हमारी चांदी कहां पर है? अब इसे लेकर जवाब मांगा जा रहा है। अभी इसमें 5 से 10 करोड़ के गबन की बात कही जा रही है। इसमें जमीन घोटाला भी जुड़ा हुआ है, जिसमें रातों रात 2 से 5 करोड़ रुपए की जमीन खरीदी गई। रातों रात उसे 15 - 20 करोड़ रुपए में बेच दिया गया। कुल मिलाकर, सुनियोजित तरीके से यह गबन हुआ है। इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की अध्य़क्षता में होनी चाहिए, तभी दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है।
--आईएएनएस
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