☰
×

उत्तराखंड में अगले 48 घंटे बेहद भारी: बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार समेत 10 जिलों में मूसलाधार बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी

 

उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। प्रदेश में अगले 48 घंटे के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 26 और 27 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने जैसी स्थिति भी बन सकती है।

पिछले करीब एक सप्ताह से उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में तेज बारिश का दौर देखने को नहीं मिला था, लेकिन अब एक बार फिर मानसून सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

26 सितंबर को इन जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 26 सितंबर के लिए बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

वहीं देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में भी तेज बारिश होने की संभावना है।

27 सितंबर को इन इलाकों में ज्यादा बारिश

27 सितंबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में इन जिलों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

चारधाम यात्रियों और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी

भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तराखंड आने वाले चारधाम यात्रियों और पर्यटकों के लिए भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों पर मलबा आने का खतरा बढ़ सकता है।

बारिश के दौरान नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने और मौसम खराब होने पर यात्रा स्थगित करने की सलाह दी गई है।

बारिश के दौरान किसी चट्टान, पेड़ या कमजोर ढांचे के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए। यात्रियों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

मानसून सीजन में उत्तराखंड में कितनी बारिश हुई?

उत्तराखंड में इस मानसून सीजन यानी 1 जून से 25 सितंबर 2026 के बीच कुल 1162 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक यह सामान्य रिकॉर्ड से करीब 1 प्रतिशत अधिक है।

जिलों की बात करें तो बागेश्वर में सामान्य से 153 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं अल्मोड़ा में 23 प्रतिशत, चमोली में 65 प्रतिशत, टिहरी में 25 प्रतिशत और हरिद्वार में 11 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

इन जिलों में सामान्य से कम बारिश

वहीं कुछ जिलों में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश भी दर्ज की गई है। चंपावत में 28 प्रतिशत, देहरादून में 5 प्रतिशत, पौड़ी में 40 प्रतिशत, नैनीताल में 22 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में 9 प्रतिशत और उत्तरकाशी में 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।

अब 26 और 27 सितंबर को होने वाली बारिश के बाद इन जिलों के मौसम में फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों को मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए सावधानी बरतनी होगी।