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भाजपा अध्यक्ष समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को किया सलाम

 

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 में हवा में हुए जानलेवा हमले के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, उसने पूरी दुनिया को बता दिया कि असली हिम्मत क्या होती है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना 174 यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। अब पूरे देश में उनकी बहादुरी को सलाम किया जा रहा है।

पूरे देश में कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा हो रही है। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उनकी वीरता को सलाम किया है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "कैप्टन स्मित मच्छार ने दुनिया को दिखाया है कि असली हिम्मत क्या होती है। चाकू लगने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और हवा में हो रहे एक जानलेवा हमले को रोकने में मदद की। उनके इस कदम से सैकड़ों लोगों की जान बची। भारत को उनकी बहादुरी पर गर्व है और देश सेवा और जिम्मेदारी के प्रति उनके समर्पण को हमेशा गहरे सम्मान के साथ याद रखा जाएगा। हम उनके जल्द ठीक होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।"

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत को हमारे हीरो कैप्टन स्मित मच्छार पर गर्व है। हवा में हुए हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, इस बहादुर भारतीय पायलट ने असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय दिया और विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद की। गंभीर खतरे के समय उनका साहस भारत की बेहतरीन भावना को दर्शाता है। मैं कैप्टन मच्छार की बहादुरी को सलाम करती हूं और उनके जल्द ठीक होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हूं।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट में लिखा, "गंभीर खतरे के समय कैप्टन स्मित मच्छार ने जो साहस और कर्तव्यनिष्ठा दिखाई, वह बेहद सराहनीय है। उड़ान के दौरान आई मुश्किल स्थिति में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार अडिग रहे और विमान में सवार लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके साहस, सूझबूझ और कर्तव्य के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। मैं प्रभु श्री राम से उनके जल्द स्वस्थ होने, उन्हें शक्ति और अच्छा स्वास्थ्य मिलने की प्रार्थना करता हूं। जय हिंद!"

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैप्टन को मुंबई का बेटा बताते हुए लिखा, "सलाम! मुंबई के बेटे कैप्टन स्मित मच्छार पर बहुत गर्व है, जो एक सच्चे हीरो हैं- उन्होंने इतने शानदार और असाधारण तरीके से सैकड़ों लोगों की जान बचाई। बुरी तरह घायल होने के बावजूद दुबई से तेल अवीव की उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित ने जिस सूझबूझ और हिम्मत का परिचय दिया, वह मिसाल कायम करने वाला है। मैं उन सभी यात्रियों को भी सलाम करता हूं जिन्होंने मुश्किल हालात को संभालने और सुरक्षित निकलने के लिए तुरंत एक टीम की तरह काम किया। कैप्टन स्मित के जल्द ठीक होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। आप एक प्रेरणा हैं। महाराष्ट्र और भारत को आप पर गर्व है।"

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा, "जब कर्तव्य सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाए, तब असाधारण साहस की मिसाल सामने आती है। कैप्टन स्मित मच्छार ने विपरीत परिस्थितियों में अपने अदम्य धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा से यही कर दिखाया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद आपने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और अपनी सूझबूझ से एक बड़ी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आपका यह समर्पण और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।"

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, "कैप्टन स्मित मच्छार असाधारण साहस और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा की मिसाल हैं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उनकी वीरता पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। कैप्टन मच्छार को सलाम।"

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा, "हवाई संकट के बीच गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस, धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए 174 यात्रियों का जीवन बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार पर पूरे देश को गर्व है। विपरीत परिस्थितियों में अपने कर्तव्य के प्रति आपका समर्पण, यही भारत के सच्चे वीर सपूतों की पहचान है।"

बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने लिखा, "कर्तव्यनिष्ठा, अदम्य साहस और असाधारण सूझबूझ के प्रतीक कैप्टन स्मित मच्छार ने संकट की घड़ी में जिस धैर्य और वीरता का परिचय दिया, वह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद आपने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और 174 यात्रियों का जीवन बचाकर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।"

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें 'नया भारतीय आइकॉन, एक निडर हीरो' बताया।

वहीं, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अपनी पोस्ट में लिखा, "आसमान के असली हीरो: कैप्टन स्मित मच्छार। फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 में हवा में हुई मुश्किल स्थिति के दौरान असाधारण हिम्मत और सूझबूझ दिखाने के लिए कैप्टन स्मित मच्छार का दिल से आभार। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे क्रू और यात्रियों को हमलावर पर काबू पाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली। जब एक-एक पल कीमती था, तब वे खतरे और 174 लोगों की जान के बीच ढाल बनकर खड़े रहे। वे एक सच्चे हीरो और भारत के गौरवशाली सपूत हैं।"

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम