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हरिद्वार में बाबा रामदेव ने किया कन्या पूजन, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान पर दिया जोर

 

हरिद्वार, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। योग गुरु बाबा रामदेव ने रामनवमी के शुभ अवसर पर कन्या पूजन किया। इस दौरान उन्होंने सनातन संस्कृति, नारी शक्ति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी मुद्दे को लेकर विरोध या असहमति लोकतंत्र और संविधान के दायरे में रहकर ही व्यक्त की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

योग गुरु बाबा रामदेव ने पत्रकारों ने बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में संवैधानिक पदों पर नियुक्ति के लिए एक निर्धारित लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया है। किसी पदाधिकारी को हटाने के लिए भी संविधान में तय प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का संचालन सड़कों पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों के माध्यम से नहीं किया जा सकता। किसी व्यक्ति को पद पर नियुक्त करने या हटाने के लिए भी संवैधानिक व्यवस्था का पालन करना चाहिए। लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इनका इस्तेमाल संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर रहकर किया जाना चाहिए।

देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सत्ता परिवर्तन की मांग को लेकर चल रही चर्चाओं पर बाबा रामदेव ने कहा कि देश में एक निर्धारित संवैधानिक और लोकतांत्रिक ढांचा मौजूद है। इस व्यवस्था की अनदेखी करना और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करना अराजकता को बढ़ावा दे सकता है।

उन्होंने कहा कि देश पर शासन करने की इच्छा रखने वाले प्रत्येक राजनीतिक दल को लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को संविधान में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बाबा रामदेव ने मृतकों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि देवी भगवती उन्हें इस कठिन समय से उबरने की शक्ति प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा सहित सभी धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम होने चाहिए। पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं और दीपक जलाए जाते हैं, इसलिए आग से बचाव के पर्याप्त साधन, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी पहले से होनी चाहिए। उन्होंने ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, जिससे किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

कन्या पूजन और सनातन संस्कृति पर अपने विचार रखते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि भारतीय परंपरा में देवी को हर रूप, हर नाम और हर अस्तित्व में देखने की दृष्टि है। उन्होंने कहा कि देवी का सम्मान केवल छोटी बच्चियों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक रूप में नारी शक्ति और दिव्यता को स्वीकार करना सनातन संस्कृति की विशेषता है।

उन्होंने कहा कि ऐसी आध्यात्मिक दृष्टि रखने वाले व्यक्ति के मन में वासना और अनैतिक विचारों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। सनातन मूल्यों का वास्तविक अर्थ नैतिकता, सदाचार और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पवित्रता बनाए रखना है।

बाबा रामदेव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जब लोगों का सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों से विश्वास डगमगाने लगता है, तब समाज में कुछ ऐसे व्यक्ति और संगठन सामने आते हैं, जो जनहित के मुद्दों को उठाने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की वास्तविक पहचान उनके चरित्र, योगदान और कार्यों से होती है। सीजेपी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उसके चरित्र और योगदान का आकलन होना अभी बाकी है। कुछ युवाओं का उससे जुड़ना सामने आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा अच्छे मुद्दों को उठाएंगे और देश के नागरिकों तथा युवाओं के हित में काम करेंगे।

--आईएएनएस

एसएके/एएस