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'हर सवाल का देंगे तथ्यों के साथ जवाब', उत्तर प्रदेश बजट सत्र से पहले भाजपा नेता पंकज सिंह का बयान

 

लखनऊ, 8 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है, जिसे लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्र से पहले भाजपा और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने मुद्दों को लेकर मुखर नजर आ रहे हैं। बजट सत्र के दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और आगामी बजट पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।

भाजपा विधायक पंकज सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में बजट सत्र को लेकर कहा कि विपक्ष सदन के भीतर या बाहर जो भी मुद्दा उठाएगा, सरकार उसका जवाब तथ्यों के साथ देगी। सोमवार से सदन की कार्यवाही शुरू होगी, जिसमें पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद 11 फरवरी को सरकार बजट पेश करेगी और फिर उस पर चर्चा का दौर शुरू होगा। सरकार हर सवाल का मजबूती से सामना करेगी।

विपक्ष द्वारा एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए पंकज सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है, ताकि घुसपैठियों या डबल वोटरों के नाम सूची से हटाए जा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग और सरकार पर अमर्यादित टिप्पणियां कर रहा है, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।

भारत-अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील की सराहना करते हुए पंकज सिंह ने कहा कि यह समझौता देश के युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह बड़ी डील संभव हो पाई है, जो भारत को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाएगा। इस ट्रेड डील से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां शून्य टैरिफ पर काम होने से व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बजट सत्र में विपक्ष मुख्य रूप से बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों को बेहतर बनाने जैसे अहम मुद्दे उठाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 का इस्तेमाल कर भाजपा के कार्यकर्ता जीवित लोगों को मृत घोषित कर उनके नाम मतदाता सूची से हटवा रहे हैं।

माता प्रसाद पांडे ने आगे कहा कि विपक्ष ने बेरोजगारी समेत सभी प्रमुख मुद्दों को सत्र में प्रमुखता से उठाने की रणनीति बनाई है। बेरोजगारी जैसे गंभीर विषय पर सार्थक बहस के लिए दो घंटे की चर्चा की मांग की गई है, ताकि सरकार से जवाबदेही तय की जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट सत्र के दौरान इन मुद्दों पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा होगी।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम