हर चुनाव का मॉडल अलग, निकाय चुनाव बुनियादी मुद्दों का है : सुप्रिया सुले (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
मुंबई, 12 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों, पुणे नगर निगम के 2026 के घोषणापत्र, गठबंधन की राजनीति सहित कई मुद्दों पर आईएएनएस के साथ खास बातचीत की। यहां पेश हैं बातचीत के खास अंश।
सवाल : पहले जो चुनाव होते थे, उसमें समस्याओं की बात की जाती थी और अब धर्म की बात पर चुनाव लड़ा जा रहा है।
जवाब : हम हमेशा असली मुद्दों पर लड़ते हैं, और भविष्य में भी ऐसा ही करते रहेंगे। ये नगर निगम चुनाव हैं, जहां मुख्य मुद्दे बेसिक नागरिक सुविधाएं हैं। पानी, सफाई और वार्ड की समस्याओं को दूर करने के बारे में सोचना चाहिए। जनता के लिए जो मूलभूत सुविधा होनी चाहिए, उस पर सोचकर चुनाव लड़ना चाहिए। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन चुनावों में जिस तरह से गठबंधन बन रहे हैं और चुनाव आयोग इस बारे में कुछ नहीं कर रहा है। यह बहुत निराशाजनक और एक मजबूत लोकतंत्र के लिए बहुत हानिकारक है।
सवाल : आपने अपनी पार्टी की बात की। भाजपा तोड़-जोड़ की राजनीति करती है। जो महाराष्ट्र में विधानसभा और लोकसभा चुनाव का हाल था, आप उस पर क्या बोलना चाहती हैं?
जवाब : यह सच में बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने वर्षों तक कड़ी मेहनत की और पार्टी के लिए संघर्ष किया, उन्हें टिकट नहीं दिया जा रहा है। अगर आप आज भाजपा को देखें, तो उसके लगभग 60 प्रतिशत नेता कांग्रेस और एनसीपी से आए हैं, और वे फैसले लेने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। भाजपा दावा करती है कि उसके वोट बढ़े हैं, लेकिन असल में ये नए वोट नहीं हैं, ये सिर्फ ट्रांसफर हुए वोट हैं। अगर ये नेता किसी दूसरी पार्टी में जाते हैं, तो वोट भी उनके साथ चले जाएंगे। कल और लोग अगर पार्टी में चले जाएंगे तो और वोट बढ़ सकते हैं।
सवाल : भाजपा के घोषणा पत्र पर आप क्या कहना चाहती हैं? इसमें महिलाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
जवाब : महिलाएं हमेशा से महत्वपूर्ण वोटर रही हैं और आगे भी रहेंगी। देश में हर योगदान जरूरी होता है। इन लोगों ने जिस तरह से लाडकी बहिन योजना को लाया और 2,100 रुपए देने का वादा किया गया, लेकिन वह रकम नहीं दी गई है। उसे दिया जाना चाहिए। हमने कहा था कि अगर हमारी सरकार सत्ता में आएगी, तो हम हर महिला को 3,000 रुपए देंगे। अगर हमारी सरकार आती, तो मैं इसे पूरा करने के लिए तैयार थी। फिर भी, अगर यह सरकार महिलाओं के लिए कोई सच्ची योजना लाती है, तो मैं उसका दिल से स्वागत करूंगी। हर पार्टी को महिलाओं के लिए काम करना चाहिए। शरद पवार इस देश के पहले नेता थे, जिन्होंने महिलाओं को आरक्षण दिया और फैसला लेने में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की।
सवाल : आपके घोषणा पत्र में महिलाओं के लिए क्या खास रहने वाला है?
जवाब : महिलाओं के लिए पानी, सफाई, उनके बच्चों के लिए अच्छे स्कूल और सही सुविधाएं जरूरी हैं। महिलाओं को आर्थिक मदद भी मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें सही ट्रेनिंग और बैंकों से बिना ब्याज के लोन दिया जाना चाहिए ताकि वे अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकें। महिलाओं को पूरी स्किल ट्रेनिंग दी जानी चाहिए ताकि वे न सिर्फ पैसे कमाएं बल्कि आत्मनिर्भर भी बनें और अपने दम पर कुछ करने में सक्षम हों।
सवाल : एनसीपी के दोनों गुटों के बीच मर्जर की अटकलों पर आप क्या कहना चाहती हैं?
जवाब : हमारा गठबंधन पुणे नगर निगम चुनावों के लिए बना है। हम भविष्य में इसके बारे में देखेंगे, अभी कई चुनाव होने वाले हैं, अभी इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता है।
सवाल : महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे और असदुद्दीन ओवैसी चुनाव को लेकर तरह-तरह के बयान दे रहे हैं। आप उस पर क्या कहना चाहती हैं?
जवाब : मैंने इसके बारे में पढ़ा या सुना नहीं है। यह निगम चुनाव है जो नालियों, मीटर और पानी पर केंद्रित है और हम लोगों की सेवा करने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार है और उन्होंने उस अधिकार का इस्तेमाल किया है, लेकिन हमारा मुख्य फोकस और एजेंडा विकास और प्रगति है।
सवाल : आप सांसद हैं, तो क्या लगता है, भाजपा के राज्य में कितना विकास हुआ है और कितना बदलाव आया है?
जवाब : हर सरकार कुछ अच्छा काम करती है। मैं कभी ऐसा नहीं कहूंगी, जैसा कि कुछ लोग दावा करते हैं कि सत्तर सालों में या दस सालों में कुछ भी हासिल नहीं हुआ। भाजपा के राज्य में विकास तो हुआ है, लेकिन मैं ये कभी नहीं कहूंगी कि नहीं हुआ है। जिस तरह से भाजपा के लोग बोलते हैं कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ है, मैं इस तरह कभी नहीं बोलने वाली हूं। मैंने भाजपा को बहुत पास से देखा है, अब पहले वाली भाजपा नहीं रह गई है। अब लोग एक-दूसरे को ही कार्यालय में बंदूक दिखा रहे हैं, ये गलत है। किसी भी पार्टी में गुंडागर्दी नहीं होनी चाहिए।
सवाल : आपको क्या लगता है, दिन-प्रतिदिन भाजपा में बदलाव क्यों आ रहा है?
जवाब : भाजपा में अब मेरिट कोई मायने नहीं रखती। पहले भाजपा मेरिट के आधार पर काम करती थी, लेकिन अब मेरिट का कोई महत्व नहीं लगता।
सवाल : शिवसेना (यूबीटी)-एमएनएस गठबंधन पर आपका क्या कहना है? इनके साथ आने से चुनाव में क्या फर्क पड़ने वाला है?
जवाब : इसका निश्चित रूप से असर होगा क्योंकि मुंबई के लिए दोनों का प्यार और जुड़ाव बहुत गहरा है। जिस तरह से उन्होंने मराठी भाषा और महाराष्ट्र के इतिहास के लिए आवाज उठाई है, वह भी बहुत मायने रखता है। मुंबई के विकास में इन दोनों लोगों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इससे पता चलता है कि आने वाले दिनों में असर देखने को मिलेगा।
सवाल : कांग्रेस अलग और एनसीपी अलग चुनाव लड़ रही है। इस पर आपका क्या कहना है? इससे पहले सभी एक साथ थे और अब अलग हो गए हैं।
जवाब : हर चुनाव का एक अलग मॉडल होता है। इंडी गठबंधन आम चुनावों के लिए है, महा विकास अघाड़ी राज्य चुनावों के लिए है। यहां हर पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ रही है। यहां तक कि भाजपा और कांग्रेस भी एक साथ चुनाव लड़ रही हैं और भाजपा और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी भी एक साथ आ गई हैं। हर पार्टी हर स्तर पर अलग चुनाव लड़ती है।
सवाल : अगर आपकी सरकार बनती है, तो आप अपराध पर कैसे कंट्रोल करेंगी?
जवाब : हम लोग जीरो टॉलरेंस नीति से अपराध को खत्म कर सकते हैं। जब पुणे में अपराध बढ़े, तो पुणे में सबसे ज्यादा पुलिस स्टेशन बनाए गए। मैंने बार-बार, यहां तक कि मुख्यमंत्री से भी दखल देने की अपील की है, क्योंकि महाराष्ट्र की पुलिस बहुत ईमानदार और काबिल है। लेकिन किसी वजह से तालमेल में गड़बड़ी हुई है और पुणे में अपराध बढ़ गए हैं। यह मेरा डेटा नहीं है, बल्कि भारत सरकार का डेटा है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी महाराष्ट्र सरकार की है।
सवाल : पश्चिम बंगाल में जिस तरह आई-पैक की जांच हुई, उस पर आप क्या कहना चाहती हैं?
जवाब : जिस तरह से रेड पड़ी है, वह गलत हुआ है। इसे नहीं होना चाहिए था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी के चुनाव दस्तावेज को लेकर जाने की कोशिश की गई थी, जो सशक्त लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। आई-पैक पर रेड करने की क्या जरूरत थी? उनको बुलाकर पूछताछ की जा सकती थी, लेकिन इस तरह नहीं करना चाहिए।
सवाल : ममता बनर्जी जिस तरह से कानून को तोड़ते हुए अधिकारियों के हाथ से दस्तावेज ले गईं, क्या ये सही था?
जवाब : ममता दीदी जो दस्तावेज लेकर गई थी, वे उनके खुद के थे, इसी कारण उनको कोई नहीं रोक सकता था। एजेंसी गलत कर रही थी।
सवाल : पश्चिम बंगाल में लगातार हिंसा पर आप क्या कहेंगी?
जवाब : मुझे पूरा विश्वास ममता दीदी पर है, वह इतने समय से राज कर रही हैं, सब जल्दी ही अच्छा होगा।
--आईएएनएस
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