'हनुमान जी को हटाकर लोग अपना खुद ही विनाश करेंगे', संत ने जताया आक्रोश
मथुरा, 9 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में 170 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा को हटाने के प्रस्ताव और मुस्लिम आबादी बढ़ने व सरकार बनाने को लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक की टिप्पणी पर वृंदावन के संत ने प्रतिक्रिया दी।
एक संत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हमारे यहां आज भी यह धारणा प्रचलित है कि हनुमान हमारे बीच में हैं। अगर कोई हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने की बात करता है, तो वह स्वत: अपने विनाश का मार्ग प्रशस्त करता है। हनुमान जी खुद ही रामजी के भक्त हैं। वो खुद चाहेंगे, तो हट जाएंगे। यह हनुमान जी की प्राचीन मंदिर है और यह काम किसी को भी नहीं करना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा से ही लोगों के हितों के लिए काम करते हुए आए हैं। उन्होंने जो किया है, वो आज तक किसी ने भी नहीं किया। सभी लोग यही चाहते हैं कि भाजपा की सरकार सदैव बनी रहे। इसी में सभी का कल्याण निहित है।
उन्होंने सपा विधायक के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें यह कहा गया था कि भाजपा की सरकार हट जानी चाहिए, क्योंकि मौजूदा समय में मुस्लिम आबादी बढ़ रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संत ने कहा कि मैंने खुद देखा है कि अधिकांश मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोग भाजपा को पसंद करते हैं, क्योंकि कांग्रेस-सपा का एकमात्र लक्ष्य लोगों को आपस में लड़ाना है। भाजपा का काम सभी का विकास करना है और इसी सिद्धांत के साथ काम किया जा रहा है। भाजपा सरकार आने वाले 50 सालों तक सत्ता में रहेगी। इस बार उत्तर प्रदेश में फिर योगी जी की सरकार आने जा रही है।
इसके अलावा, एक अन्य संत ने भी सनातन धर्म की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का गौरवमय इतिहास बहुत पुराना है। हमारे सनातन की ताकत कोई नहीं रोक सकता है। हमारी बेटी अनुप्रिया ने छोटी सी फिल्म बनाकर देश-विदेश में अपना गौरव स्थापित कर दिया है। उस बेटी ने सभी को पीछे छोड़ दिया है और हम इसे हनुमान जी की कृपा समझते हैं।
महामंडेलश्वर डॉ. आचार्य संतोष दास ने भी सपा नेता के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, यह सनातन का देश है और इन सबका समावेश उत्तर प्रदेश में है। योगी जी कहीं नहीं जा रहे हैं। वहीं, हनुमान जी की कौन हटा सकता है, वो तो चिरंजीव है।
--आईएएनएस
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