×

हंता वायरस अलर्ट, वीडियो में जाने 17 अमेरिकी यात्रियों को नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में 42 दिनों के लिए क्वारंटीन में रखा गया

 

अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग ने हंता वायरस संक्रमण को लेकर बड़ी एहतियाती कार्रवाई करते हुए 17 अमेरिकी यात्रियों को नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में विशेष निगरानी और क्वारंटीन में रखा है। इन सभी यात्रियों को अमेरिका की सरकार के एक विशेष विमान के जरिए सुरक्षित रूप से वापस लाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन यात्रियों को कम से कम 42 दिनों तक मेडिकल निगरानी में रखा जाएगा, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/h9JznO4uY3I?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/h9JznO4uY3I/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

जानकारी के मुताबिक, ये सभी यात्री ‘MV होंडियस’ नामक क्रूज शिप से यात्रा कर रहे थे, जहां हंता वायरस से जुड़े मामले सामने आए थे। यह क्रूज शिप स्पेन के कैनरी आइलैंड्स में रुका हुआ था, जब वहां एक यात्री में संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों ने तुरंत जांच शुरू की।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, क्रूज शिप में यात्रा कर रहे यात्रियों में से एक व्यक्ति में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि दूसरे यात्री में हल्के लक्षण पाए गए हैं। हालांकि दोनों को समय रहते अलग कर दिया गया और विशेष सुरक्षा प्रणाली के तहत मेडिकल देखभाल में रखा गया।अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए सभी 17 यात्रियों को सुरक्षित तरीके से देश वापस लाना आवश्यक था। इसके लिए विशेष मेडिकल टीम और आइसोलेशन सुविधाओं से लैस विमान का उपयोग किया गया। यात्रियों को नेब्रास्का मेडिकल सेंटर पहुंचते ही अलग-अलग आइसोलेशन यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हंता वायरस एक गंभीर वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से कृंतक (rodents) के माध्यम से फैलता है और इंसानों में सांस संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। हालांकि व्यक्ति से व्यक्ति में इसका प्रसार दुर्लभ माना जाता है, लेकिन सतर्कता के तौर पर क्वारंटीन और निगरानी बेहद जरूरी है।स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों में फिलहाल गंभीर स्थिति नहीं देखी गई है, लेकिन 42 दिनों की निगरानी अवधि पूरी होने तक किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इस दौरान नियमित मेडिकल जांच, टेस्टिंग और स्वास्थ्य मूल्यांकन किया जाएगा।

इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रूज यात्रा सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में शुरुआती जांच और समय पर आइसोलेशन से बड़े प्रकोप को रोका जा सकता है।अमेरिकी प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी यात्रियों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।