हंगामे की भेंट चढ़ा हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र, 10 मिनट में स्थगित हुई कार्यवाही
शिमला, 21 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही महज 10 मिनट ही चल पाई। राष्ट्रगीत को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रगान गाया गया। इसके बाद विपक्ष ने मांग उठाई कि राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रगीत भी गाया जाना चाहिए।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने साफ किया कि सदन में राष्ट्रगीत गाया जाता है लेकिन सत्र के समापन के समय। जैसे ही अध्यक्ष आगे की कार्यवाही को लेकर व्यवस्था देने लगे, विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी विधायकों ने कहा कि कानून की पालन हो और इस दौरान सदन में विपक्ष ने नारेबाजी की और सत्ता पक्ष ने भी शुरू में नारेबाजी की।
हिमाचल प्रदेश में विपक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्रगीत नहीं गाना चाहती और सरकार का रवैया राष्ट्रविरोधी है। देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया और सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाने लगे। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। अब विधानसभा की कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे फिर से शुरू होगी।
हिमाचल सरकार के मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "विपक्ष को अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभानी चाहिए। चाहे वह सरकार से सवाल पूछे या चर्चा के लिए मुद्दे उठाए और प्रदेश की समस्याओं पर सरकार के साथ चर्चा करे, यही विपक्ष का मुख्य काम है और उन्हें वही करना चाहिए।"
राज्य सरकार के मंत्री जगत सिंह नेगी ने मानसून से हुए नुकसान की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा, "अब तक इस मानसून में करीब 1000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सड़क संपर्क, बिजली लाइनें और पानी की सप्लाई लाइनें प्रभावित हुई हैं। कई घर भी बह गए हैं और कई जगह पुलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि पिछले मानसून के मुकाबले इस बार नुकसान उतना ज्यादा नहीं है। मौसम अभी भी सक्रिय है और कई जिलों में कई सड़कें बाधित हैं। उन्हें बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।"
--आईएएनएस
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