हंगामे के बीच शुरू हुआ यूपी विधानसभा का मानसून सत्र, आलम बदी को श्रद्धांजलि के बाद सदन मंगलवार तक स्थगित
लखनऊ, 3 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का चार दिवसीय मानसून सत्र सोमवार को विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन और दिवंगत समाजवादी पार्टी विधायक आलम बदी को श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुआ।
सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी ने शिक्षक भर्ती, राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया, जबकि सदन के भीतर शोक प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से सपा विधायक आलम बदी के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उनके सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि 16 मार्च 1936 को जन्मे आलम बदी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और निजामाबाद से पांच बार विधायक निर्वाचित हुए। उन्होंने कौमी एकता मंच की स्थापना की थी और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के लिए जाने जाते थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आलम बदी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि अंतिम दिनों में भी उनमें सार्वजनिक जीवन को लेकर वही ऊर्जा बनी हुई थी। शोक प्रस्ताव पर विभिन्न दलों के नेताओं ने अपने विचार रखे। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व पहली बार विधानसभा में 'वंदे मातरम्' का पूर्ण गायन किया गया। इससे पहले समाजवादी पार्टी के विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन पर बैठे। विधायक दानपेटी और पोस्टर लेकर पहुंचे तथा शिक्षक भर्ती, राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और नीट पेपर लीक को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों से सकारात्मक और स्वस्थ चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि विधायिका गरीब, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा तथा उनके समाधान का सबसे प्रभावी मंच है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र की समस्याएं सदन में उठाने और उनके समाधान के लिए सरकार से जवाब मांगने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए भी लगातार काम कर रही है।
--आईएएनएस
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