बंगाल में हमारे पक्ष में होंगे परिणाम, हमारी पांच गारंटियां जनता को पसंद आ रही हैं : सचिन पायलट
मुर्शिदाबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंगलवार को कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पार्टी उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी के समर्थन में एक रोड शो किया।
मुर्शिदाबाद में आईएएनएस से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा कि यह बदलाव का चुनाव है। लोग राज्य और केंद्र, दोनों सरकारों से तंग आ चुके हैं और वे बदलाव की तलाश में हैं। कांग्रेस पार्टी यहां पारंपरिक रूप से मजबूत रही है। हमारा मानना है कि इस चुनाव में बदलाव जरूर आएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को कई मौके दिए गए हैं। राज्य सरकार को तीन कार्यकाल और केंद्र सरकार को तीन कार्यकाल। इतने मौके देने के बाद भी बंगाल पिछड़ा हुआ है। यहां बेरोजगारी और गरीबी है। पहले बंगाल बहुत आगे हुआ करता था, लेकिन आज वह पीछे रह गया है। इसी कारण लोग एक विकल्प की तलाश में हैं। कांग्रेस के शासन में बंगाल ने हमेशा विकास देखा है। जब यहां कांग्रेस सरकार थी तो उद्योग, निवेश, विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर में बंगाल को प्राथमिकता मिलती थी। हम चुनाव जीतने के लिए लड़ रहे हैं। हमारे उम्मीदवार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, और हमारी पांच गारंटियां जनता को पसंद आ रही हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले परिणाम कांग्रेस के पक्ष में होंगे।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुर्शिदाबाद में कहा कि भाजपा सरकार महिला आरक्षण के जरिए धोखा देने की कोशिश कर रही है। तीन साल पहले बिल पास हो चुका था, फिर भी लागू क्यों नहीं किया गया? अब परिसीमन के नाम पर सीटों में हेर-फेर करने के लिए बहाना बनाया जा रहा है, लेकिन जनता इसे पूरी तरह एक्सपोज कर चुकी है। तीन साल पहले जब बिल पास किया गया तो पूरी संसद ने इसका समर्थन किया था। फिर तीन साल तक इंतजार क्यों किया? आज प्रियंका गांधी भी कह रही हैं कि अगर केंद्र सरकार आज बिल लाए तो मौजूदा लोकसभा में एक-तिहाई सीटें महिलाओं को देने के लिए पूरा विपक्ष तैयार है। हम भी साथ हैं। लेकिन भाजपा सीटें बढ़ाकर अपनी राजनीति करना चाहती है और महिलाओं की आड़ में लोगों को भ्रमित कर रही है। यह अब चलेगा नहीं।
उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल में नारी सुरक्षा का ढोंग रच रही है। यह कोरा झूठ है। तीन साल पहले पूरा संसद महिला आरक्षण बिल के पक्ष में था। अब परिसीमन की साजिश को अंजाम देने के लिए महिलाओं का सहारा लिया जा रहा है। सोनिया गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह ने पहली बार यह बिल लाया था। भाजपा ने राज्यसभा में समर्थन किया, लेकिन लोकसभा में विरोध किया। बंगाल में भाजपा का जादू नहीं चलेगा।
--आईएएनएस
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