'हमने भारत के बाहर व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अपना श्रेष्ठ नहीं खेला है': मोर्कल
वेलिंगटन, 7 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कहा है कि टीम देश के बाहर व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। न्यूजीलैंड का मौजूदा टूर चीजों को बदलने का एक अहम मौका है।
मोर्कल ने भारत के हाल के विदेशी संघर्षों, खासकर इंग्लैंड में उनके प्रदर्शन की ओर इशारा किया, साथ ही न्यूजीलैंड असाइनमेंट के लिए की गई तैयारी और प्लानिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीम ने इस टूर को एक बड़ी चुनौती के तौर पर पहचाना था और वे अपने प्रदर्शन के जरिए अपनी बात रखना चाहते थे।
मोर्कल ने शनिवार को दूसरे वनडे के शुरू होने से पहले ब्रॉडकास्टर्स से कहा, "इस ग्रुप से हमारी बातचीत काफी समय से साफ है। हमने साफ तौर पर इसे एक बड़ा टूर माना है। हमने इंडिया के बाहर व्हाइट-बॉल क्रिकेट का सबसे अच्छा मैच नहीं खेला है। मुझे इंग्लैंड के बारे में याद है। इसलिए हमने इस टूर पर आकर अच्छा क्रिकेट नहीं खेलने पर एक बड़ी मुहर लगा दी। इस तरह के मैचों में बहुत सारी प्लानिंग करनी पड़ती है। हमें हालात को समझना होता है।"
न्यूजीलैंड के हालात, खासकर मैदान के आकार के हिसाब से, ढलना भी इंडिया की गेंदबाजी की तैयारियों का एक अहम हिस्सा रहा है। मोर्कल इस बात से खुश थे कि बॉलर्स ने हालात का अंदाजा कैसे लगाया और अपने प्लान को कैसे लागू किया।
उन्होंने कहा, "लड़कों ने हालात के हिसाब से रिएक्ट किया। टॉस के बाद फिर से खुद को तैयार करने के लिए काफी जल्दबाजी होती है। लेकिन मेरे लिए, बस डाइमेंशन को बाहर निकालना, और लड़कों ने प्लान को काफी अच्छे से एग्जीक्यूट किया। मुझे लगता है कि यहां न्यूजीलैंड में, कभी-कभी फील्ड आपको बताती है कि क्या बॉलिंग करनी है, लेकिन फिर भी आपको गेंद को सही एरिया में डालना होता है।"
पूरे बॉलिंग अटैक के लिए एक जैसा अप्रोच अपनाने के बजाय, मोर्केल ने बताया कि कोचिंग स्टाफ ने प्लेयर्स के साथ व्यक्तिगत काम करना पसंद किया। उनकी अपनी-अपनी ताकत और स्किल सेट को ध्यान में रखते हुए, जबकि कलेक्टिव डिस्कशन से यह तय करने में मदद मिलती है कि टीम हालात से क्या उम्मीद कर सकती है, फाइनल तैयारी में हर बॉलर के अप्रोच को गेम की डिमांड के साथ अलाइन करना शामिल है।
मोर्कल ने कहा, "मैं इसे ज्यादा व्यक्तिगत रखने की कोशिश करता हूं। हम एक ग्रुप में बैठकर देखेंगे कि हम क्या उम्मीद कर सकते हैं। लेकिन हमारे सभी खिलाड़ी अलग-अलग स्किल वाले हैं। इसलिए मेरे लिए यह ट्रेनिंग और वार्म-अप में उन खिलाड़ियों से अलग-अलग बात करने और फिर बस थोड़ी देर बात करने जैसा है। वे सभी स्किलफुल हैं। वे अपना गेम जानते हैं, वे जानते हैं कि उन्हें क्या करना है, बस उन सभी छोटी-छोटी चीजों को एक साथ लाना है।"
--आईएएनएस
पीएके