हल्द्वानी में खड़गे के कार्यक्रम के बाद मंच के शुद्धिकरण पर मायावती ने जताई नाराजगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
लखनऊ, 14 अगस्त (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद उनके मंच का दलित होने की वजह से शुद्धिकरण किए जाने की घटना को अति-निंदनीय और चिंतनीय बताया है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से जातिवादी और सामंती तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की मांग की है।
मायावती ने शुक्रवार को 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, "उत्तराखंड राज्य के हल्द्वानी में अभी हाल ही में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हुए प्रोग्राम के बाद उनके मंच का दलित होने की वजह से शुद्धिकरण किया गया है। यह जानकारी कल संसद के जरिए भी देश को मिली है। यह मामला अति-निंदनीय और चिंतनीय है।"
उन्होंने आगे कहा, "उत्तराखंड की सरकार बिना कोई देरी किए हुए ऐसे जातिवादी और सामंती तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनों के तहत उचित कार्रवाई करके उन्हें जेल भेजे। साथ ही, इस घटना आदि के संबंध में आरएसएस के मुखिया को भी संज्ञान लेकर जरूर गंभीरता से सोचना चाहिए, जोकि दलितों के आर्थिक तौर पर थोड़ा मजबूत हुए लोगों को आरक्षण से वंचित करने की बात कर रहे हैं।"
दरअसल, उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हुई रैली के बाद कथित तौर पर किए गए 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान का मामला संसद तक पहुंच गया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी व्यक्ति के साथ उसके सामाजिक या जातीय परिचय के आधार पर इस तरह का व्यवहार गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने बिना किसी धर्म या समुदाय का नाम लिए सवाल किया कि क्या सार्वजनिक मंच पर इस तरह की कार्रवाई संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का उदाहरण मानी जा सकती है।
बसपा प्रमुख ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की घटना पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "अभी हाल ही में महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर किए गए हमले की घटना भी अति-दुखद और चिंतनीय है। केंद्र व महाराष्ट्र की सरकार इस घटना को पूरी गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करे।"
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने दोनों घटनाओं को गंभीर बताते हुए संबंधित सरकारों से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
--आईएएनएस
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