ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष एकजुट, बैठक के बाद चुनाव आयोग पर तीखा हमला
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। नई दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के बीच इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में इंडिया ब्लॉक में शामिल लगभग सभी पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक के बाद नेताओं ने मीडिया को भी संबोधित किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रशांत भूषण, सपा सांसद समेत तमाम नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी नेताओं ने जनता के मुद्दों को लेकर काम किया और इसमें सफलता भी मिली है। इससे पहले दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्रित नहीं हुए थे। यह पहली बार है कि सभी लोग यहां पहुंचे हैं। सरकार का वोट चोरी का जो प्लान है, उसके खिलाफ सभी तैयार हो गए हैं।
इसके बाद आरजेडी के तेजस्वी यादव ने कहा कि सभी जानते हैं कि ज्ञानेश कुमार ने जिस तरह लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया है। हम सभी लोकतंत्र को बचाने के लिए तैयार हैं और किसी भी कुर्बानी के लिए भी तैयार हैं। यह देश गांधी, लोहिया, भगत सिंह और कर्पूरी ठाकुर का है। इस देश की संवैधानिक संस्थाओं को हाईजैक करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स को हाईजैक करने की कोशिश हो रही थी, लेकिन चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार उससे भी आगे निकल गए। जिस तरह वे एक कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं, उन्हें सजा मिलनी जरूरी है। उनका डर ही है कि उन्होंने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। इसी से उनका डर दिखाई देता है। हम सभी लड़ेंगे और जीतेंगे। जिन लोगों ने षड्यंत्र किया है, फर्जी चुनाव कराया है, जनता उनसे जवाब मांग रही है। इन लोगों पर कार्रवाई जरूर होगी।
डी. राजा ने कहा कि सभी वरिष्ठ नेताओं ने देश के हालात पर चर्चा की है और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की है। दिल्ली देश की राजधानी है और यह हमारा शहर है, लेकिन यहां हर तरफ बैरिकेड दिखाई देते हैं, लोगों को आने-जाने से रोका जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन होंगे, आप उन्हें कुचल नहीं सकते। सरकार ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है, इसे वापस लिया जाना चाहिए। पहले राजपथ और संसद मार्ग को बंद किया गया और अब जंतर-मंतर को बंद किया जा रहा है। हम इसकी निंदा करते हैं। हम इसके लिए भी लड़ाई लड़ेंगे। हम कुछ नया नहीं मांग रहे हैं, लेकिन संविधान में हमें प्रदर्शन करने का जो अधिकार मिला है, उसे हम छीनने नहीं देंगे।
सुप्रिया सुले ने कहा कि हम सभी इंडिया गठबंधन के साथ हैं। संविधान खतरे में है और हम इसके लिए लड़ते रहेंगे। हम आंदोलन जारी रखेंगे। संविधान में जो अधिकार हमें मिले हैं, सरकार उन्हें कुचलने की बड़ी भूल कर रही है। इसके खिलाफ हम पूरी ताकत के साथ खड़े हैं। हम पूरी मजबूती के साथ गठबंधन के साथ हैं।
सपा के हरेंद्र मलिक ने कहा कि समाजवादी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी है। हम न्याय की इस लड़ाई में विपक्ष की एकता को बनाए रखते हुए लोकतंत्र के हत्यारों और संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर चुनाव को प्रभावित करने तथा वोट चोरी करने वालों के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं। हम न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।
प्रशांत भूषण ने कहा कि 2 अक्टूबर से दिल्ली में चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार, वोट चोरी और लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ है। इस आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार ने मेट्रो बंद कर दी, इंटरनेट बंद कर दिया। ट्रेनें रोक दीं और दिल्ली में सब कुछ बंद कर दिया। प्रदर्शन करना हमारा अधिकार है, इसे कोई नहीं रोक सकता। सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि सड़कों और पार्कों को प्रदर्शन के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हम सभी साथ आ गए हैं और एकजुट होकर लड़ेंगे। किसान संगठनों समेत तमाम संगठन साथ आएंगे। हम सभी मिलकर इस लड़ाई को लड़ेंगे और जीतेंगे भी।
सीपीआई (एम) के एम.ए. बेबी ने कहा कि जिसे निष्पक्ष होकर काम करना था, वह सत्ताधारी पार्टी के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसलिए हम उनके खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। ये लोग वोट चोरी करते हैं, प्रदर्शन की जगह छीनते हैं और लोकतंत्र की चोरी करते हैं। इसके खिलाफ हम संघर्ष कर रहे हैं और करते रहेंगे।
संजय राउत ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ऐसे माफिया हैं, जिन्होंने पूरे सिस्टम का अपराधीकरण किया है। ऐसे लोगों से कैसे निपटना है, हमें पता है। पिछले दस-बारह वर्षों से लोगों को डरा-धमकाकर रखा गया है, लेकिन अब डराने वालों की बारी डरने की है। इतनी बड़ी संख्या में फोर्स तैनात करके लोग अंदर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में जो संघर्ष चल रहा है, वह जारी रहेगा। हम सभी एक साथ हैं और एक साथ ही रहेंगे।
--आईएएनएस
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