गुरिंदरवीर की सफलता का श्रेय लेने पर विजेंदर सिंह ने पंजाब सरकार की आलोचना की
नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। विजेंदर सिंह ने धावक गुरिंदरवीर सिंह की रिकॉर्ड-तोड़ सफलता के बाद उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए पंजाब सरकार की आलोचना की। विजेंदर ने कहा कि एथलीटों को उनके संघर्ष के दौरान पहचान और समर्थन की जरूरत होती है, न की पदक जीतने के बाद।
गुरिंदरवीर के हालिया इंटरव्यू का जिक्र करते हुए विजेंद्र ने कहा, "धावक ने खुद माना था कि सरकारी नौकरी मिलने के बावजूद उन्हें न तो राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम में जाने का मौका मिला और न ही सरकार से सही समर्थन मिला।"
विजेंदर सिंह ने एक्स पर लिखा, "पंजाब सरकार अब गुरिंदरवीर सिंह का श्रेय लेने के लिए आगे आई है, लेकिन अगर आप उनका इंटरव्यू सुनें, तो वह साफ कहते हैं कि उन्हें न तो राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम मिला और न ही सरकार से सही समर्थन मिला। उन्होंने उन्हें सरकारी नौकरी दी, लेकिन फिर अभ्यास और तैयारी के लिए सही माहौल दिए बिना ड्यूटी पर भेज दिया। गुरिंदरवीर ने जैसे ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा, हर कोई श्रेय लेने के लिए दौड़ पड़ा। एथलीट को जीतने के बाद सपोर्ट की जरूरत नहीं होती - उन्हें अपने संघर्ष के दौरान सपोर्ट की जरूरत होती है।"
25 साल के गुरिंदरवीर ने शनिवार को रांची में नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कॉम्पिटिशन 2026 के दौरान रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराया। रिलायंस का प्रतिनिधित्व करते हुए पंजाब के धावक ने पुरुषों की 100 मीटर रेस में 10.09 सेकंड का समय निकालकर अपना क्राउन वापस जीता। उन्होंने सबसे पहले ओपनिंग सेमीफाइनल हीट में 10.17 सेकंड का समय लेकर अनिमेष कुजूर के 10.18 सेकंड के पिछले नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ा।
सिंह के नया नेशनल रिकॉर्ड बनाने के बाद, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 24 मई को एक्स पर पोस्ट किया, "रांची में फेडरेशन कप में 100-मीटर फ्रीस्टाइल रेस में गोल्ड मेडल जीतने के लिए हमारे होनहार एथलीट गुरिंदरवीर सिंह को दिल से बधाई। हमारे बहादुर बेटे ने सिर्फ 10.09 सेकंड में रेस पूरी करके नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया है। गुरिंदरवीर 100-मीटर रेस में 10.10 सेकंड से कम समय में रेस पूरी करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। दो दिन में दूसरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर, पंजाब के बेटे ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है।"
--आईएएनएस
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