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गुमशुदा लोगों की तलाश में पुलिस को 19 महीने में मिली बड़ी कामयाबी, 95 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे बरामद

 

नोएडा, 21अगस्त (आईएएनएस)। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने गुमशुदा और अपहृत बालक-बालिकाओं के साथ-साथ लापता स्त्री-पुरुषों की सकुशल बरामदगी को प्राथमिकता देते हुए व्यापक अभियान चलाया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 तक तीनों जोन में दर्ज गुमशुदगी के मामलों में पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिवारों से मिलाया है।

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में कुल 3,348 स्त्री-पुरुषों की गुमशुदगी दर्ज हुई, जिनमें से 2,962 यानी 88.47 प्रतिशत लोगों को सकुशल बरामद किया गया। वहीं, बालक-बालिकाओं से संबंधित 650 अभियोग दर्ज हुए, जिनमें 619 यानी 95.23 प्रतिशत बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार गुमशुदा लोगों की तलाश में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, सोशल मीडिया और मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल किया गया।

प्राप्त सूचनाओं का तकनीकी विश्लेषण कर पुलिस टीमों ने संभावित स्थानों पर दबिश और तलाश की। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, सार्वजनिक स्थानों और आश्रय गृहों पर भी खोजबीन की गई। नोएडा जोन के नौ थाना क्षेत्रों में कुल 965 स्त्री-पुरुषों की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। इनमें 540 महिलाएं और 270 पुरुषों समेत कुल 810 लोगों को सकुशल बरामद किया गया, जो 83.93 प्रतिशत है। इस जोन में 155 स्त्री-पुरुषों की बरामदगी अभी शेष है। इसी तरह 249 बालक-बालिकाओं से संबंधित अभियोग दर्ज किए गए, जिनमें 207 बालिकाएं और 29 बालक सहित कुल 236 बच्चों को बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार 13 बच्चों की बरामदगी अभी बाकी है।

सेंट्रल नोएडा जोन के आठ थाना क्षेत्रों में 1,702 स्त्री-पुरुषों की गुमशुदगी दर्ज हुई। इनमें 1,159 महिलाएं और 396 पुरुषों समेत कुल 1,555 लोगों को सकुशल बरामद किया गया। बरामदगी का प्रतिशत 91.36 रहा। 147 लोगों की तलाश अभी जारी है। बच्चों से संबंधित 258 मामलों में 224 बालिकाओं और 28 बालकों समेत कुल 252 बच्चों को सकुशल बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक यहां बरामदगी का प्रतिशत 97.67 रहा।

ग्रेटर नोएडा जोन के नौ थाना क्षेत्रों में 681 स्त्री-पुरुषों की गुमशुदगी दर्ज हुई। इनमें 405 महिलाएं और 192 पुरुषों सहित कुल 597 लोगों को सुरक्षित बरामद किया गया, जबकि 84 लोगों की तलाश जारी है। वहीं 143 बालक-बालिकाओं से संबंधित मामलों में 94 बालिकाओं और 37 बालकों सहित कुल 131 बच्चों को सकुशल बरामद किया गया। 12 बच्चों की तलाश अभी शेष है। पुलिस ने गुमशुदगी से जुड़े मामलों का विश्लेषण कर ऐसे क्षेत्रों को भी चिन्हित किया है, जहां इस प्रकार की घटनाओं की संभावना अधिक पाई गई।

नोएडा जोन में सदरपुर, सलारपुर, सेक्टर-37, बरोला और होशियारपुर को हॉटस्पॉट बनाया गया है। सेंट्रल नोएडा जोन में इलाहाबास, भंगेल, नयागांव, याकूबपुर, कुलेसरा, जलपुरा, गौर सिटी-1, राइस सिटी और चेरी काउंटी को चिन्हित किया गया है। वहीं ग्रेटर नोएडा जोन में कस्बा कासना, कस्बा जेवर और दादरी के रेलवे रोड चौकी क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त, संदिग्ध लोगों की चेकिंग, सीसीटीवी निगरानी, बीट पुलिस की सक्रियता और स्थानीय लोगों की सहभागिता बढ़ाई गई है। जरूरत के अनुसार इन हॉटस्पॉट का दोबारा मूल्यांकन कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक बच्चों और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की गुमशुदगी के मामलों में तलाश बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण होती है। कई बार परिवार गुमशुदगी की सूचना पुलिस को देर से देते हैं, जिससे शुरुआती ‘गोल्डन पीरियड’ का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। कुछ लोग मोबाइल या सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करते, जबकि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति अपनी पहचान बताने में भी सक्षम नहीं होते। ऐसे मामलों में पुलिस को तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ मैनुअल इंटेलिजेंस और स्थानीय सूचना तंत्र पर भी निर्भर रहना पड़ता है। पुलिस ने ऐसे कई मामलों में सफलता हासिल की है।

थाना कासना क्षेत्र में 11 मार्च 2026 को 10 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ और बोलने में असमर्थ बालक के लापता होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने फोटो और हुलिए के आधार पर तलाश शुरू की। तकनीकी माध्यमों, वात्सल्य पोर्टल, सोशल मीडिया और मुखबिर तंत्र की मदद से खोजबीन की गई। बाद में मथुरा स्थित राजकीय बालगृह से जानकारी मिली कि रेलवे स्टेशन पर एक बालक मिला था। फोटो और विवरण का मिलान करने पर उसकी पहचान गुमशुदा बालक के रूप में हुई। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सकुशल परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।

इसी तरह थाना सेक्टर-49 क्षेत्र से 9 जून को बाजार जाने के लिए निकलीं दो नाबालिग बालिकाएं वापस नहीं लौटीं। परिजनों की सूचना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम बनाई। सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और तकनीकी संसाधनों की मदद से लगातार तलाश की गई और 14 जून को दोनों बालिकाओं को सकुशल बरामद कर लिया गया।

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर का कहना है कि शेष गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमों को सक्रिय किया गया है। अन्य जिलों और राज्यों की पुलिस इकाइयों के साथ समन्वय, सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सोशल मीडिया, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल जारी है।

--आईएएनएस

पीकेटी/पीएम