गुजरात: पोल्ट्री फार्मिंग सहाय योजना से लाभ लेकर ग्रामीण परिवार बन रहे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर
अहमदाबाद, 24 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के मकसद से राज्य सरकार मुर्गी पालन को प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य के पशुपालन विभाग द्वारा हाल ही में एक नई योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 1000 ब्रायलर के पोल्ट्री फार्म की स्थापना के लिए वित्तीय मदद प्रदान की जा रही है।
अहमदाबाद की बावला तालुका के रूपाल गांव के फखरुद्दीन ने इस योजना का लाभ लिया है। इसके तहत उन्हें वित्तीय मदद के साथ तकनीकी और व्यावहारिक ट्रेनिंग भी दी गई है। आज वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं और कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
लाभार्थी फखरुद्दीन ने बताया कि मुझे अधिकारी से यह पता चला कि इस योजना में 1000 ब्रायलर का पोल्ट्री फार्म बनाने के लिए सहायता मिलती है। फिर मैंने फॉर्म भरा और मेरा फॉर्म पास हुआ। मुझे 679,500 रुपए की सहायता मिली और आज मैं खुद भी कमाता हूं और दो लोगों को रोजगार देता हूं।
गंगा बेन ने बताया कि मैं मुर्गी फार्म में काम करती हूं। सुबह आती हूं, दिनभर मुर्गियों को दाना-पानी देती हूं। फखरुद्दीन भाई के यहां काम करती हूं और इसके लिए मुझे रोजी मिलती है।
पशुपालन विभाग इस योजना के तहत समय-समय पर मुर्गियों के पालन-पोषण, खानपान, साफ-सफाई, रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य देखभाल का प्रशिक्षण भी देता है। साथ ही कोई दिक्कत आने पर पोल्ट्री फार्म संचालकों को सलाह भी प्रदान करता है।
नायब पशुपालन अधिकारी डॉ. एच जी पटेल ने कहा कि लाभार्थियों से टेलीफोन के माध्यम से संपर्क में रहते हैं और उनको जब हमारी कोई जरूरत पड़े तो हम जानकारी देते रहते हैं। इसके अलावा भी अगर रूबरू यहां आने की आवश्यकता पड़े, वे दवाओं या बीमारी के प्रश्न के लिए बुलाएं या कोई गाइडलाइन के लिए जानना चाहें तो हम मदद करते हैं।
वर्ष 2024-25 में शुरू हुई इस योजना के तहत एससी/एसटी वर्ग के लाभार्थियों को दो चरणों में 360,000 रुपए और 455,000 रुपए यानी कुल 815,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। वहीं जनरल कैटेगरी के लाभार्थियों को पोल्ट्री फार्म बनाने के लिए 300,000 रुपए और बाद में 379,000 रुपए, यानी कुल 679,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक राज्य में हर साल बड़ी संख्या में मुर्गी पालक इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
उप निदेशक (मुर्गा शाखा) पशुपालन विभाग, धीरेंद्र कापड़िया ने बताया कि गुजरात राज्य में हम मुर्गी पालकों को अंदाजन 78 लाभार्थियों को हर वर्ष इस योजना का लाभ देते हैं, जिसमें अनुसूचित जाति के लगभग 15 लाभार्थियों को अनुसूचित जनजाति के कुल 30 लाभार्थियों को और सामान्य वर्ग के 33 लाभार्थियों को 1000 ब्रायलर पोल्ट्री फार्म की स्थापना के लिए इस योजना का लाभ दिया जाता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे मुर्गी पालकों की आजीविका में वृद्धि करना है। प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विभागीय मार्गदर्शन के समन्वय से लाभार्थी अपने पोल्ट्री बिजनेस को आगे बढ़ा रहे हैं। पोल्ट्री फॉर्म सहाय योजना से गुजरात के ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण परिवारों का आर्थिक सशक्तिकरण भी हो रहा है।
--आईएएनएस
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