अहमदाबाद में एक माह के बच्चे को अगवा कर 10 लाख में बेचने की कोशिश, जेप्टो के तीन कर्मचारी समेत चार पर कार्रवाई
गांधीनगर, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि पुलिस ने एक माह के बच्चे को बचाया है, जिसे कथित तौर पर जेप्टो के तीन कर्मचारियों ने 10 लाख रुपए की मानव तस्करी के तहत अगवा किया था। इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिगों समेत चार आरोपियों पर कार्रवाई की है और बच्चों की तस्करी के दूसरे मामलों से इनके संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।
आईएएनएस से मंगलवार को बात करते हुए पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि 2 अक्टूबर को सुबह लगभग 4 बजे के आसपास पुलिस को जानकारी दी गई कि तालाब के किनारे रहने वाले कुछ श्रमजीवी लोगों में से किसी एक का बच्चा, जो महज एक माह और 7 दिन का है, वह नहीं मिल रहा है।
सूचना मिलते ही साबरमती पुलिस स्टेशन की पूरी टीम एक्टिव हो गई। टीम ने बच्चे की तलाशी शुरू की। इसके बारे में सबसे पहले क्राइम ब्रांच को जानकारी दी गई और तुरंत 10 टीमों का गठन किया गया, जिनमें सीनियर अधिकारी भी शामिल थे। इसमें छह टीमें क्राइम ब्रांच की और अन्य में स्थानीय पुलिस एवं लोकल डीसीपी मिलाकर लगभग 100 ऑफिसर और जवान मासूम की तलाशी में जुट गए।
टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया, जिसमें एक लड़की को बच्चे को उठाते हुए देखा गया। लड़की मासूम को उठाकर स्कूटी पर जाते हुए दिखी। पुलिस टीम ने उसे बैक ट्रैक करना शुरू किया तो पता चला कि 2 अक्टूबर को जब यह घटना घटी उससे लगभग 4-5 घंटे पहले ये लोग सिविल हॉस्पिटल में भी रेकी करने गए थे।
जब इन लोगों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि इनको टास्क दिया गया था कि उन्हें एक माह के आसपास का एक नवजात (लड़का) उठाना था। हालांकि, गिरोह को सिविल हॉस्पिटल में बच्चा नहीं मिला। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि लड़की की पहचान जीनल परमार (21) के रूप में हुई है, जो राणी क्षेत्र की ही रहने वाली है। उसको पता था कि इसी प्रकार के बहुत सारे श्रमजीवी परिवार रोड पर रहते हैं।
जीनल वहां लगभग रात 2 बजे गई, जहां उसने देखा कि जिस बच्चे की उसको तलाश थी, वह वहां मौजूद था और उसके माता-पिता सो रहे थे। उसने सुबह के दो बजे बच्चे को उठाया और उसके बाद वहां से स्कूटी से निकल गई। उसने बताया कि बच्चे के गुम होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों की नाकाबंदी की। कमांड कंट्रोल रूम ने 1,300 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला, जिसके बाद जीनल परमार सहित दो नाबालिगों की पहचान की जा सकी।
यह लोग उत्तर प्रदेश से यहां आए। ये लोग यूपी में ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जेप्टो के साथ जुड़े थे और काम करते थे। वहीं वह नोएडा के रहने वाले भानु जाटव (22) नामक एक व्यक्ति के संपर्क में आए, जिसने इन्हें एक माह के मासूम को उठाने का टास्क दिया था। जिसके एवज में 10 लाख रुपए मिलने की बात कही गई थी। इसमें 2-2 लाख रुपए इन तीनों को और 4 लाख रुपए भानु को मिलने थे।
अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि इनके ऊपर कई ऐसे लोग बैठे हैं, जो मानव तस्करी को बढ़ावा देने के लिए लोगों को उकसाते हैं। पुलिस ने चारों को हिरासत में ले लिया है, जिनमें से दो नाबालिग को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया है। तीनों आरोपी भागने की फिराक में थे। हालांकि, लड़की ने बच्चे को वापस उसी जगह छोड़ दिया, जहां से उसने उठाया था। बच्चा सुरक्षित और स्वस्थ है। लड़की का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वहीं, पुलिस की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच और कार्रवाई के साथ मानव तस्करी करने वाले इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कार्रवाई जारी है।
--आईएएनएस
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