गुजरात में चलाई गई पहली साल्ट कंटेनर ट्रेन, कच्छ के शिवलखा से मीठापुर भेजा गया नमक
अहमदाबाद, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के कच्छ क्षेत्र से नमक की ढुलाई को अधिक सुविधाजनक और किफायती बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने नई पहल की है। 15 सितंबर 2026 को कच्छ के शिवलखा गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल से मीठापुर के लिए देश की पहली सॉल्ट कंटेनर ट्रेन चलाई गई। इस नई व्यवस्था के तहत नमक की ढुलाई के लिए विशेष रूप से तैयार हल्के स्टेनलेस स्टील कंटेनरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अधिकारियों और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के मुताबिक, इस पहल से एक बार में अधिक नमक ले जाना, परिवहन लागत में बचत करना और नमक की गुणवत्ता बनाए रखना आसान होगा। दरअसल, नमक की ढुलाई के लिए रेलवे ने ऐसे कंटेनर तैयार किए हैं, जिनमें ऊपर से नमक लोड करने और साइड से उसे खाली करने की सुविधा दी गई है। कंटेनर का डिजाइन इस तरह बनाया गया है कि नमक भरने और उसे उतारने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सके।
अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने बताया कि कंटेनर के ऊपरी हिस्से में दो ओपनिंग दी गई हैं। ऊपर से नमक लोड करने के बाद कंटेनर को ट्रेलर की मदद से उठाकर निर्धारित स्थान पर रखा जाता है। उन्होंने बताया कि कंटेनर को एक तरफ से खोलने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे माल खाली करने में सुविधा मिलती है। स्टेनलेस स्टील से बने हल्के कंटेनरों का उद्देश्य कंटेनर के अपने वजन और उसमें भरे जाने वाले नमक के वजन के बीच बेहतर संतुलन बनाना है। इससे माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
शिवलखा कार्गो टर्मिनल के टर्मिनल हेड मोहम्मद अरशद ने बताया कि पहले एक कंटेनर में करीब 28 से 30 टन नमक लोड किया जाता था। नई व्यवस्था में यह मात्रा बढ़कर लगभग 33.5 टन हो गई है। इससे लोडिंग क्षमता में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जहां पहले समान लागत पर लगभग 30 टन नमक ले जाया जाता था, अब उसी लागत में करीब 33 टन नमक की ढुलाई संभव हो रही है। उन्होंने इसे लोडिंग क्षमता के लिहाज से लगभग 11 प्रतिशत की बचत बताया।
गांधीधाम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष तेजाभाई कांगड़ ने कहा कि हाल ही में कोटिंग वाले एसएसपी वैगनों की रेक तैयार किए जाने से नमक उद्योग में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि नए वैगनों की मदद से नमक की गुणवत्ता सुरक्षित रखने में सहायता मिलेगी। खुले वैगनों में नमक नमी सोख सकता था, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती थी। कोटिंग वाले वैगनों में इस समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
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