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गुजरात के बच्चों की रचनात्मकता को मिलेंगे 'पेटेंट' के पंख : चिल्ड्रन्स रिसर्च यूनिवर्सिटी के 'किडनोवेशन' प्रोजेक्ट का शुभारंभ

 

गांधीनगर, 23 जून (आईएएनएस)। गुजरात के बच्चों में अंतर्निहित नवाचार की क्षमता को बढ़ावा देने और उनके विचारों को बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) के तौर पर विकसित करने के उद्देश्य से चिल्ड्रन्स रिसर्च यूनिवर्सिटी (सीआरयू) 'किडनोवेशन' नामक एक अनोखा प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। 23 जून, 2026 को शिक्षाविद गिजुभाई बधेका की 87वीं पुण्यतिथि के अवसर पर इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के दिशानिर्देशों के अनुरूप यह पहल बच्चों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुभव-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देगी। प्रोजेक्ट का प्रमुख उद्देश्य बच्चों के नवोन्मेषी विचारों को सुव्यवस्थित तरीके से डॉक्यूमेंट करके उन्हें पेटेंट के रूप में परिवर्तित करना है।

चिल्ड्रन्स रिसर्च यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. टीएस जोशी ने कहा, ''इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत पूरे गुजरात से 100 प्रतिभाशाली बच्चों को चुना जाएगा। चयनित बच्चों को प्रोटोटाइपिंग, डिजाइन और नवाचार के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनके रचनात्मक विचारों का मूल्यांकन करने के बाद 20 से 30 नवोन्मेषी विचारों के लिए भारतीय पेटेंट कार्यालय में प्रोविजनल पेटेंट फाइल किए जाएंगे। खास बात यह है कि पेटेंट का सौ फीसदी स्वामित्व बच्चों के नाम पर ही रहेगा।''

चिल्ड्रन्स रिसर्च यूनिवर्सिटी के प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक निलेश पंड्या ने कहा, ''प्रोजेक्ट के दौरान सभी 100 बच्चों की नवाचार यात्रा का दस्तावेजीकरण करके ‘किडनोवेशन लॉग’ तैयार किया जाएगा, जिसे गुरुपीडिया प्लेटफॉर्म पर एक स्थायी आर्काइव के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, प्राथमिक शिक्षा में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी विकास के लिए एक नीति-आधारित व्हाइट पेपर भी तैयार करके गुजरात सरकार के शिक्षा विभाग के सुपुर्द किया जाएगा।''

उल्लेखनीय है कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा और रचनात्मकता पर विशेष बल दिया जा रहा है।

प्रोजेक्ट की अवधि 23 जून से 15 नवंबर तक होगी। जुलाई और अगस्त महीने के दौरान आइडिया स्काउटिंग यानी नए विचारों की तलाश और मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि सितंबर में नए विचारों का वैज्ञानिक मूल्यांकन और फिल्टरिंग की जाएगी। 15 और 16 अक्टूबर को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिवस के अवसर पर चिल्ड्रन्स रिसर्च यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय रेजिडेंशियल प्रोटोटाइप बूट कैंप आयोजित होगा, जिसमें लगभग 50 बच्चे हिस्सा लेंगे।

प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन में विभिन्न संस्थानों का सहयोग लिया जाएगा। ये संस्थान पेटेंट ड्राफ्टिंग, प्रोटोटाइपिंग, इनोवेशन स्क्रीनिंग, शिक्षक समन्वय और दस्तावेजीकरण में अहम भूमिका निभाएंगे।

यह ‘किडनोवेशन’ प्रोजेक्ट गुजरात में बाल इनोवेशन की एक नई संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहल के जरिए राज्य के बच्चे केवल विचारों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अपने नवोन्मेषी विचारों को वैज्ञानिक और कानूनी मान्यता दिलाकर भविष्य के इनोवेटर के रूप में उभर सकेंगे।

--आईएएनएस

एसके/