पीएम मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे : गुजरात एक मजबूत और सर्वसमावेशी स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ देशभर में अव्वल
गांधीनगर, 12 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि यदि युवाओं के आइडियाज को उचित प्लेटफॉर्म, नीतिगत सहयोग और संसाधन मिलें, तो वे राष्ट्रनिर्माण के सबसे बड़े भागीदार बन सकते हैं। इसी सोच के साथ, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल शुरू की गई, जिससे लाखों युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनने की प्रेरणा मिली है।
उल्लेखनीय है कि 26 मई, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इन 12 वर्षों के दौरान देश में उद्यमशीलता की एक नई संस्कृति का निर्माण हुआ है, और भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत हुआ है। उनके नेतृत्व में गत 12 वर्षों के दौरान गुजरात ने भी स्टार्टअप और इनोवेशन यानी नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात औद्योगिक विकास का केंद्र होने के साथ ही देश के एक अग्रणी स्टार्टअप हब के रूप में उभरा है।
भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) से मान्यता प्राप्त 19,000 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ गुजरात आज देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। डीपीआईआईटी की स्टार्टअप रैंकिंग में गुजरात लगातार पांच वर्षों से ‘बेस्ट परफॉर्मर स्टेट’ बना हुआ है, जो दिखाता है कि सहायक नीतियों और नियोजित पहलों के जरिए राज्य में एक मजबूत और सर्वसमावेशी स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किया गया है।
राज्य के युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने तथा स्टार्टअप और इनोवेशन के माध्यम से युवाओं की सृजनात्मक क्षमताओं को विकसित करने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने 2017-18 से पांच वर्षों के लिए स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन पॉलिसी (एसएसआईपी) घोषित की थी। इस पॉलिसी को मिली अभूतपूर्व सफलता के बाद सीएम भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में वर्ष 2022 में स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन पॉलिसी 2.0 (एसएसआईपी 2.0) लॉन्च की गई। इस पॉलिसी के अंतर्गत नए क्षेत्रों के साथ-साथ परंपरागत और नए युग की टेक्नोलॉजी के स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि एसएसआईपी 1.0 और 2.0 के तहत अब तक कुल 13,047 से अधिक स्टूडेंट प्रोजेक्ट्स को प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (पीओसी) के स्तर पर सहायता दी गई है, जबकि 4043 से अधिक बौद्धिक संपदा अधिकार (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट-आईपीआर) फाइल किए गए हैं। एसएसआईपी के तहत कुल 3287 से अधिक स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन और इनक्यूबेशन सहायता दी गई है। स्टार्टअप्स और इनोवेशन को आर्थिक सहायता देने के लिए एसएसआईपी अनुदान प्राप्तकर्ता संस्थाओं द्वारा 36.43 करोड़ रुपए के एसएसआईपी फंड का उपयोग किया गया है। इसके अलावा, एसएसआईपी 1.0 और 2.0 के अंतर्गत पॉलिसी लागू होने के बाद से अब तक जागरूकता अभियान के माध्यम से 22.72 लाख से अधिक छात्रों को स्टार्टअप्स के विषय में मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया है।
इतना ही नहीं, एसएसआईपी 2.0 पोर्टल पर अब तक स्कूली छात्रों के 1948 से अधिक स्टार्टअप प्रस्ताव रजिस्टर हुए हैं, जिनमें से लगभग 1141 छात्रों के स्टार्टअप प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। एसएसआईपी आज स्कूल स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक के छात्रों को मार्गदर्शन, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच जैसी सर्वग्राही सुविधाएं प्रदान कर गुजरात में इनोवेशन संस्कृति को मजबूत बना रही है।
स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन पॉलिसी (एसएसआईपी) के अंतर्गत गठित गुजरात स्टार्टअप एंड इनोवेशन हब (आई-हब) आज राज्य के इनोवेशन इकोसिस्टम का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। आई-हब राज्य में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए कार्यरत सबसे बड़ी सुविधा है, जहां सिंगल विंडो सपोर्ट सिस्टम के जरिए कानूनी, वित्तीय और तकनीकी समेत योजना संबंधी मार्गदर्शन दिया जाता है। अत्याधुनिक सुविधाओं से जुड़ा केंद्रीकृत हब स्थापित करके, आई-हब स्टार्टअप्स को प्री-इनक्यूबेशन, इनक्यूबेशन और एक्सलरेशन के चरणों के दौरान उनके आइडियाज, उत्पादन और निवेश की जरूरतों के लिए सहायता प्रदान करता है।
‘आई-हब’ की स्थापना वर्ष 2019 में की गई थी, और अब तक इसके अंतर्गत लगभग 750 स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, इनक्यूबेशन सपोर्ट और वित्तीय सहायता दी गई है। स्टार्टअप सृजन सीड सपोर्ट योजना के तहत 400 से अधिक स्टार्टअप्स को 28 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है। आई-हब के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स द्वारा राज्य में लगभग 4000 से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। वहीं, इन स्टार्टअप्स का कुल बाजार मूल्य करीब 3569 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
आई-हब के जरिए स्टार्टअप्स को विभिन्न वेंचर फंड्स की ओर से 446 करोड़ रुपए से अधिक का निजी फंड उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही, आई-हब ने ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के जरिए 20 से अधिक जिलों में अपनी पहुंच का विस्तार किया है और 4.5 लाख से अधिक युवाओं को स्टार्टअप और इनोवेशन के विषय में जागरूक किया है।
‘वीस्टार्ट’, आई-हब द्वारा महिला उद्यमियों के लिए शुरू की गई एक विशेष पहल है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के आइडियाज को सफल व्यवसाय में परिवर्तित करने के लिए उन्हें वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म मुहैया कराना है। उल्लेखनीय है कि इस पहल के तहत 269 महिला संचालित स्टार्टअप्स को सहायता दी गई है, जो आई-हब की ओर से समर्थन प्राप्त कुल स्टार्टअप्स का लगभग 36 फीसदी है।
इसके अतिरिक्त, महिला उद्यमियों को उनके स्टार्टअप के प्रारंभिक चरण के दौरान गति देने और संसाधनों तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गुजरात यूनिवर्सिटी स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल (जीयूएसईसी) की ओर से ‘हरस्टार्ट’ कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। ‘हरस्टार्ट’ एक व्यापक कार्यक्रम है, जिसके चलते अधिक से अधिक महिला उद्यमी अपने आइडियाज को पंख दे रही हैं, और राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपना योगदान दे रही हैं।
इतना ही नहीं, राज्य सरकार ने गुजरात औद्योगिक नीति के तहत भी स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन योजना घोषित की थी, जिसके परिणामस्वरूप अनेक स्टार्टअप्स ने अपने व्यवसाय और उत्पादों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार किया है। इस नीति के तहत सीड सपोर्ट ने 471 स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान की है।
विकसित भारत के अमृत काल में स्टार्टअप्स केवल आर्थिक विकास का साधन ही नहीं, बल्कि नवाचार, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत स्तंभ भी है। आज गुजरात का स्टार्टअप इकोसिस्टम राज्य की सशक्त औद्योगिक परंपरा, विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, सक्रिय नीतियों और युवा प्रतिभा के समन्वय का एक शानदार उदाहरण बन गया है।
--आईएएनएस
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