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Grok पर अश्लील कंटेंट बनाने पर अकाउंट होगा बैन, X ने महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरों पर नियम किए सख्त

 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) ने अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर अपने नियमों को और सख्त कर दिया है। अब X के एआई टूल Grok का उपयोग कर अश्लील कंटेंट बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि अगर कोई यूजर ऐसा कंटेंट बनाता है, भले ही उसे प्लेटफॉर्म पर अपलोड न किया गया हो, तब भी उसका अकाउंट बैन किया जा सकता है।

X की ओर से जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, महिलाओं की आपत्तिजनक, अश्लील या बिना सहमति वाली तस्वीरें और वीडियो शेयर करना गंभीर नियम उल्लंघन माना जाएगा। प्लेटफॉर्म का कहना है कि डिजिटल स्पेस में महिलाओं की गरिमा और निजता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

Grok, जो कि X का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट है, को लेकर कंपनी ने साफ किया है कि इसका इस्तेमाल किसी भी तरह के अश्लील, भ्रामक या नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट के निर्माण के लिए नहीं किया जा सकता। यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी यूजर ने Grok का उपयोग इस तरह के कंटेंट को बनाने के लिए किया है, तो उसे प्लेटफॉर्म से स्थायी रूप से हटाया जा सकता है।

X की पॉलिसी के अनुसार, अब केवल पोस्ट शेयर करना ही नहीं, बल्कि कंटेंट बनाने की मंशा और गतिविधि भी जांच के दायरे में आएगी। यानी अगर कोई यूजर निजी तौर पर भी एआई टूल्स के जरिए आपत्तिजनक सामग्री तैयार करता है और उसके डिजिटल सबूत मिलते हैं, तो उसके खिलाफ कार्रवाई संभव है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम एआई के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में अहम है। हाल के दिनों में डीपफेक और एआई जनरेटेड फर्जी तस्वीरों के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिनमें खासतौर पर महिलाओं को निशाना बनाया गया है। इस तरह की सामग्री न केवल मानसिक उत्पीड़न का कारण बनती है, बल्कि सामाजिक और कानूनी समस्याएं भी खड़ी करती है।

X ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी की तस्वीर में हेरफेर करना, अश्लील रूप देना या उसे वायरल करना सीधे तौर पर गंभीर उल्लंघन है। ऐसे मामलों में अकाउंट सस्पेंशन, स्थायी बैन और जरूरत पड़ने पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी भी दी जा सकती है।

डिजिटल अधिकारों से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह फैसला सही दिशा में उठाया गया कदम है, लेकिन इसके साथ पारदर्शी जांच प्रक्रिया भी जरूरी है, ताकि किसी निर्दोष यूजर को गलत तरीके से दंडित न किया जाए। वहीं, महिला अधिकार संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे ऑनलाइन उत्पीड़न पर लगाम लगेगी।

X प्रशासन ने यूजर्स से अपील की है कि वे प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें और किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट की तुरंत रिपोर्ट करें। कंपनी का कहना है कि सुरक्षित और सम्मानजनक डिजिटल माहौल बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।