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ग्रीनलैंड में बिना मंजूरी तेल ड्रिलिंग की तैयारी, ट्रंप से जुड़े अमेरिकी कारोबारी समूह को सरकार की कड़ी चेतावनी

 

न्यूयॉर्क/नुउक, 8 अगस्त (आईएएनएस) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर जारी दावों के बीच एक अमेरिकी तेल कंपनी ने इस रणनीतिक आर्कटिक द्वीप में तेल की खोज के लिए ड्रिलिंग की तैयारी शुरू कर दी है। खास बात यह है कि ग्रीनलैंड की सरकार ने कहा है कि कंपनी को अभी ड्रिलिंग की अनुमति नहीं मिली है।

टेक्सास स्थित ग्रीनलैंड एनर्जी ने ग्रीनलैंड के पूर्वी तट के दूरदराज इलाके जेम्सन लैंड में तेल खोज के लिए जरूरी उपकरण पहुंचाए हैं। इसके बाद ग्रीनलैंड सरकार ने कंपनी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि भविष्य में किसी भी तरह की लॉजिस्टिक गतिविधि से पहले संबंधित खनिज संसाधन प्राधिकरण की मंजूरी लेना जरूरी होगा।

कंपनी का दावा है कि जेम्सन लैंड क्षेत्र के नीचे करीब एक लाख करोड़ डॉलर (1 ट्रिलियन डॉलर) मूल्य का कच्चा तेल हो सकता है। कंपनी ने शुरुआत में दो कुओं की ड्रिलिंग पर करीब 6 करोड़ डॉलर खर्च करने की योजना बनाई थी। हालांकि अब कंपनी ने कहा है कि शुरुआत में एक कुएं की ही ड्रिलिंग की जाएगी।

ग्रीनलैंड ने पर्यावरणीय चिंताओं के चलते वर्ष 2021 से नए तेल लाइसेंस जारी करना बंद कर रखा है। हालांकि ब्रिटेन की कंपनी 80 माइल के पास जेम्सन लैंड में पहले से खोज अधिकार हैं। ग्रीनलैंड एनर्जी इन अधिकारों वाली परियोजना में बहुमत हिस्सेदारी लेने और खोज अभियान के लिए वित्त उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।

मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि ग्रीनलैंड एनर्जी के कई लोगों के संबंध ट्रंप के राजनीतिक और रणनीतिक हलकों से बताए जाते हैं। कंपनी ने ट्रंप समर्थक माने जाने वाले पूर्व टीवी होस्ट डॉ फिल को एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज के लिए जोड़ा है। कंपनी के एक निदेशक अमेरिकी नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं और ट्रंप प्रशासन की मिसाइल रक्षा योजना ‘गोल्डन डोम’ से जुड़े हुए हैं।

कंपनी के चेयरमैन लैरी स्वेट्स ने हालांकि स्पष्ट किया है कि तेल परियोजना का अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा है कि परियोजना को लेकर कंपनी की गतिविधियां कारोबारी और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी हैं।

लेकिन घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब ट्रंप ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की अपनी मांग को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से ग्रीनलैंड बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अमेरिकी कंपनी की तेल खोज की कोशिश ने इस पूरे विवाद को आर्थिक और प्राकृतिक संसाधनों के एक नए आयाम से जोड़ दिया है।

ग्रीनलैंड सरकार के मुताबिक, कंपनी के प्रतिनिधि ने जून में जेम्सन लैंड की एक सामुदायिक बैठक में ड्रिलिंग उपकरण उतारने की अनुमति होने का गलत दावा किया था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने एक बजरे को तट की ओर आते और करीब एक दर्जन कंटेनर उतारते देखा।

ग्रीनलैंड सरकार ने कहा है कि उपकरणों को हटाने की मांग करना फिलहाल उचित नहीं होगा और कंपनी का अनुमति आवेदन अभी प्रक्रिया में है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि आगे की सभी लॉजिस्टिक गतिविधियों के लिए पहले से मंजूरी जरूरी होगी।

कंपनी की योजना के अनुसार, ड्रिलिंग से जुड़े करीब 300 कंटेनर उपकरणों को लेकर एक जहाज 12 सितंबर को कनाडा से रवाना हो सकता है और अक्टूबर में कुएं की ड्रिलिंग शुरू करने की योजना है।

इस परियोजना के सामने पर्यावरणीय सवाल भी बड़ा मुद्दा है। प्रस्तावित ड्रिलिंग क्षेत्र ऐसे संरक्षण क्षेत्र में आता दिखाई देता है जिसे रामसर कन्वेंशन के तहत आर्द्रभूमि संरक्षण का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में ग्रीनलैंड के स्थानीय नेतृत्व के सामने दोहरी चुनौती है—एक ओर संभावित तेल भंडार से आर्थिक लाभ की संभावना और दूसरी ओर संवेदनशील आर्कटिक पर्यावरण की सुरक्षा।

ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े फैसले वहां के निर्वाचित स्थानीय नेतृत्व के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इसलिए तेल ड्रिलिंग की अनुमति का फैसला केवल एक कारोबारी परियोजना का निर्णय नहीं होगा, बल्कि यह ग्रीनलैंड की पर्यावरण नीति और उसके संसाधनों पर स्थानीय नियंत्रण की परीक्षा भी बन सकता है।

इस बीच ट्रंप के ग्रीनलैंड संबंधी बयानों के कारण यह मामला और संवेदनशील हो गया है। यदि ग्रीनलैंड सरकार ड्रिलिंग की अनुमति नहीं देती है तो यह अमेरिका और ग्रीनलैंड के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकता है। वहीं अनुमति मिलने की स्थिति में पर्यावरणीय चिंताओं और ग्रीनलैंड के प्राकृतिक संसाधनों पर बाहरी कंपनियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

--आईएएनएस

केआर/