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ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ दुनिया का सबसे बड़ा अकाउंटिंग महाकुंभ, 40 देशों के डेलीगेट्स शामिल

 

नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा अकाउंटिंग सम्मेलन प्रारंभ हो गया है। शुक्रवार से शुरू हुए इस अकाउंटिंग महाकुंभ में 40 से ज्यादा देशों के 10,000 से अधिक प्रतिनिधि आ रहे हैं। वहीं, 200 अंतरराष्ट्रीय अकाउंटिंग प्रोफेशनल 50 विभिन्न सत्रों में शामिल हो रहे हैं।

द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) द्वारा इस वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स 2.0 (वोफा 2.0) का आयोजन किया गया है। पहले दिन यहां केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मौजूद रहे। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की वैश्विक भूमिका, आर्थिक विकास में उनके योगदान और बदलते वैश्विक परिदृश्य में लेखा पेशे की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। विश्व के विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी के साथ यह मंच विचार-विमर्श, नवाचार और वैश्विक सहयोग का सशक्त केंद्र बन रहा है।

वोफा 2.0 के जरिए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इंस्टिट्यूट ने देश और दुनिया के अकाउंटिंग प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा मंच तैयार किया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इंस्टिट्यूट का यह आयोजन 30 जनवरी को शुरू हुआ है और 1 फरवरी को इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा में जारी रहेगा। यह आयोजन दुनिया का सबसे बड़ा अकाउंटिंग इवेंट माना जा रहा है। तीन दिन चलने वाले इस मेगा इवेंट में 40 से ज्यादा देशों से 10,000 से अधिक डेलीगेट्स शामिल हो रहे हैं।

इस दौरान 200 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ता करीब 50 से अधिक अहम सत्रों में अकाउंटिंग, फाइनेंस, टेक्नोलॉजी और इकोनॉमी से जुड़े मौजूदा और भविष्य के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। शुक्रवार को इनमें से कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। वोफा 2.0 की थीम “नेशन बिल्डिंग से ग्लोबल कोलैबोरेशन: ट्रस्ट को मजबूत करना, ग्रोथ को आगे बढ़ाना” रखी गई है। यह थीम भारत के अकाउंटिंग प्रोफेशन की देश निर्माण में भूमिका और वैश्विक स्तर पर बढ़ते योगदान को दर्शाती है। इस फोरम में दुनिया भर के नीति-निर्माता, रेगुलेटर्स, उद्योग जगत के नेता, कॉरपोरेट एक्सपर्ट्स और अकाउंटिंग व फाइनेंस प्रोफेशनल्स एक साथ मंच साझा कर रहे हैं।

इस सम्मेलन मकसद अनुभव साझा करना, बेहतर तरीकों पर चर्चा करना और प्रोफेशन को भविष्य के लिए तैयार करना है। वोफा 2.0 में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, नियामक संस्थाओं के प्रमुख, अंतरराष्ट्रीय अकाउंटिंग संगठनों के प्रतिनिधि और बड़े कॉरपोरेट लीडर्स की मौजूदगी रहेगी। इनमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल, राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर, प्रतापराव जाधव, और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक संजय के. मूर्ति सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इंस्टिट्यूट के अध्यक्ष सीए चरणजोत सिंह नंदा ने बताया कि वोफा 2.0 को बेहद सोच-समझकर तैयार किया गया है। इसमें 50 से ज्यादा तकनीकी सत्र, 200 से अधिक वक्ता और करीब 100 एग्जिबिटर्स भाग ले रहे हैं। ये लोग यहां नए आइडियाज, सॉल्यूशंस और बेस्ट प्रैक्टिसेज पेश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के डेलीगेट्स की भागीदारी भारत को एक भरोसेमंद ग्लोबल नॉलेज हब के रूप में दिखाती है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में कई जाने-माने नाम अलग-अलग सत्रों को संबोधित करेंगे। इनमें सांसद, सेबी, आईबीबीआई, आईएफएससीए, वरिष्ठ अधिकारी, डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख, बड़े उद्योगपति, टेक लीडर्स और फाइनेंस एक्सपर्ट्स शामिल हैं। वोफा 2.0 में जिन विषयों पर चर्चा की जा रही है, उनमें भारत की आर्थिक विकास यात्रा, कैपिटल मार्केट, डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टैक्सेशन, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, सस्टेनेबिलिटी, गवर्नेंस और इंडिया एट 2047 जैसे भविष्य से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीएससी