ग्रेटर नोएडा: दनकौर में कॉलेज की जमीन पर कब्जे के आरोप से हंगामा, छात्रों ने तोड़ी बाउंड्रीवॉल
ग्रेटर नोएडा, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र में बिहारी लाल एंग्लो संस्कृत हाई स्कूल एसोसिएशन इंटर कॉलेज की जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने के प्रयास का मामला सामने आया है। बुधवार को जमीन पर निर्माण कार्य शुरू किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया।
स्कूल प्रबंधन ने जमीन को कॉलेज की संपत्ति बताते हुए निर्माण कार्य का विरोध किया। देखते ही देखते मौके पर स्कूल के छात्र भी पहुंच गए और निर्माण के लिए बनाई जा रही बाउंड्रीवॉल को तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस के मुताबिक, थाना दनकौर क्षेत्र के ग्राम नवादा निवासी दो व्यक्तियों द्वारा दनकौर में कथित तौर पर जमीन खरीदी गई थी। बुधवार 7 अक्टूबर को जमीन खरीदारों की ओर से उक्त भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कराया गया। इसकी जानकारी मिलने पर निजी कॉलेज, दनकौर के प्रधानाचार्य और प्रबंधक ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जमीन को लेकर पहले से ही उपजिलाधिकारी दादरी की अदालत में वाद विचाराधीन है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पीआरवी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर विवादित जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य को फिलहाल रुकवाया और मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। जमीन स्कूल के पास होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र भी मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने छात्रों को समझाकर वापस स्कूल भेज दिया। राजस्व विभाग को भी मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में जमीन पर लंबे समय से कॉलेज का कब्जा होने का दावा किया गया है।
प्रबंधक मनोज गोयल ने पत्र में बताया कि बिहारी लाल एंग्लो संस्कृत हाई स्कूल एसोसिएशन इंटर कॉलेज की इमारत गाटा संख्या 1702, 1703, 1704 और 1705 में स्थित है। प्रबंधन के अनुसार स्कूल भवन का निर्माण करीब 78 वर्ष पहले, वर्ष 1948 से भी पहले किया गया था और वर्ष 1948 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार से इसे मान्यता मिली थी। स्कूल में लगातार छात्र-छात्राओं की पढ़ाई संचालित होने का भी दावा किया गया है। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि कॉलेज से संबंधित कृषि विद्यालय की जमीन गाटा संख्या 364, रकबा 12-19-0, खतौनी में कृषि विद्यालय के नाम दर्ज है।
प्रबंधन ने दावा किया कि इस जमीन को लेकर वर्ष 1992 में चकबंदी अधिकारी के न्यायालय में वाद संख्या 1154 के तहत बिहारी लाल एंग्लो संस्कृत हाई स्कूल एसोसिएशन बनाम ग्राम सभा दनकौर मामले में आदेश पारित किया गया था। प्रबंधन ने संबंधित आदेश और भूलेखों को भी अपने पक्ष में होने का दावा करते हुए अधिकारियों को दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही है। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, कॉलेज परिसर में करीब 74 दुकानें भी बनी हुई हैं, जिनकी देखरेख स्कूल एसोसिएशन द्वारा की जाती है।
प्रबंधन का आरोप है कि 19 सितंबर 2026 की रात करीब आठ बजे कुछ लोगों ने स्कूल के कृषि विद्यालय की जमीन पर बनी बाउंड्री तोड़कर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया था। घटना की सूचना उसी रात अधिकारियों और दनकौर पुलिस को दी गई थी। आरोप है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कब्जे की कोशिश को रोक दिया, लेकिन बाउंड्री पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
प्रबंधन ने आगे आरोप लगाया कि 22 सितंबर को राजे प्रधान निवासी नवादा और रवि नागर निवासी जुनेदपुर, दनकौर कुछ अन्य लोगों के साथ विद्यालय पहुंचे और प्रधानाचार्य महकार सिंह को कथित तौर पर धमकी दी कि दो दिन बाद वे दोबारा निर्माण कार्य शुरू करेंगे और यदि रोक सकते हो तो रोक लेना। अब 7 अक्टूबर को दोबारा निर्माण कार्य शुरू होने के बाद विवाद फिर सामने आ गया।
स्कूल प्रबंधन ने जिलाधिकारी से क्षतिग्रस्त बाउंड्री को पुलिस सुरक्षा में दोबारा बनवाने और कथित रूप से कब्जे का प्रयास करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
--आईएएनएस
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