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गोरखपुर में सीएम योगी ने महानवमी पर किया कन्या पूजन, कहा-नारी गरिमा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं

 

गोरखपुर, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो समाज जगत जननी मां भगवती का उपासक है, वहां नारी गरिमा के विपरीत आचरण की कोई जगह नहीं हो सकती। सनातन परंपरा ने सदैव मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च स्थान दिया है। नवरात्रि में कन्याओं का पूजन इसी भाव का प्रतीक है। सरकार ने इस परंपरा को केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया है। मिशन शक्ति अभियान इसी संकल्प से प्रेरित है।

सीएम योगी ने सोमवार को शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के बाद पत्रकारों से बातचीत की। इससे पहले उन्होंने मंदिर की परंपरा के अनुसार कुंवारी कन्याओं के पैर पखारे, तिलक लगाया, माला पहनाई और चुनरी ओढ़ाकर पूजन किया। बटुकों का भी पूजन किया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से कन्याओं को भोजन परोसा। पूजन के उपरांत कन्याओं को दक्षिणा और उपहार भेंट किए गए। इस अवसर पर साधु-संत और अन्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जगत जननी मां भगवती का नवम स्वरूप सभी सिद्धियां प्रदान करने वाला है। महानवमी पर कन्या पूजन के माध्यम से सनातन धर्मावलंबी मातृशक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। बासंतिक और शारदीय नवरात्रि की परंपरा नारी के प्रति सर्वोच्च सम्मान का संदेश देती है। गोरखनाथ मंदिर की इस पावन परंपरा से जुड़कर कन्याओं का पूजन और उन्हें भोजन कराने का अवसर मिलना उनका सौभाग्य है।

उन्होंने कहा कि नारी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था है, जहां महिला बीट पुलिस अधिकारी अथवा उपनिरीक्षक स्तर की महिला अधिकारी उनकी समस्याएं सुनती हैं। महिलाओं की सहायता के लिए 1090 वीमेन हेल्पलाइन भी संचालित है।

उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 10 हजार महिला कार्मिक थीं। आज यह संख्या बढ़कर करीब 45 हजार हो गई है। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। महिला पुलिसकर्मी प्रदेश में बेहतर सुरक्षा का माहौल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम नारी गरिमा तथा स्वावलंबन को नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक की शिक्षा के लिए विभिन्न चरणों में 25 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह के लिए एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक पांच लाख से अधिक कन्याओं के विवाह इस योजना के माध्यम से संपन्न हो चुके हैं। प्रदेश में 54 हजार बीसी सखी ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रमों से भी महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। सरकार बेटियों की शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि शारदीय नवरात्रि में प्रदेश के लगभग 45 हजार स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रविवार को 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। सोमवार को भी 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि शक्तिपीठ देवीपाटन, सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी पीठ और सीतापुर के ललिता देवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शासन-प्रशासन ने दर्शनार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। यह अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की विजय का उत्सव है। प्रभु श्रीराम की विजय का यह पर्व समाज को अपनी बुराइयों से मुक्त होने का संदेश देता है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के साथ नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों के खात्मे का भी संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने समाज की एकता को भंग कर राष्ट्र को कमजोर करने का प्रयास करने वाले अराजक तत्वों को बेनकाब करने का आह्वान किया। सीएम योगी ने कहा कि विजयादशमी पर रामलीला और पुतला दहन के आयोजनों के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। यातायात प्रबंधन और सुरक्षा के साथ सभी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्व उत्साह और उमंग से मनाएं, लेकिन अनुशासन और सुरक्षा की अनदेखी न करें।

मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेशवासियों को महानवमी की बधाई देते हुए मां भगवती से सभी के सुख और समृद्धि की कामना की। विजयादशमी की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज को नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता और विभाजनकारी प्रवृत्तियों से मुक्त करने का संकल्प लेने का भी अवसर है।

--आईएएनएस

विकेटी/एसके